10orai02उरई। कांशीराम कालौनी के कुछ बाशिंदे पुलिस की सरपरस्ती होने की वजह से शांति प्रिय नागरिकों को जीना दूभर किये हुए हैं। पुलिस पीड़ितों के ही खिलाफ कार्रवाई करती हैं इससे उनमें जबर्दस्त रोष व्याप्त है। आज पीड़ितों ने सामूहिक रूप से जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अपने साथ हो रहे अन्याय को समाप्त करने की मांग की।
कांशीराम कालौनी के पास ही विवेक कुमार, विनय, अविनाश, संतोष कुमार, कमला रानी, संध्या, आराधना का निजी मकान है जिसमें वे रहते हैं। बकौल उनके कांशीराम कालौनी के बाशिंदे मनोज अहिरवार, कुलदीप, करन सिंह, मुन्ना, सतीश खटीक, जीशान खान, अरविंद अहिरवार मोनू आदि उनके पीछे पड़े हुए हैं। उक्त लोगों ने घर में घुसकर पीड़ितों के साथ मारपीट की और मोबाइल में फोटो लेने का झूठा आरोप लगाकर विवेक को जेल भिजवा दिया व विनय कुमार और अविनाश का चालान करा दिया।
गत् 6 दिसंबर को आरोपियों ने फिर उन पर जुल्म ढाया। उनकी मारपीट की और उलटे संतोष को पुलिस से गिरफ्तार करा दिया। रात मे फिर उन्होंने तांडव किया जिसमें मां बहनों तक को गाली-गलौज से नही बख्शा गया। इस दौरान उनके गेट पर पत्थर बरसाकर उन्हें आतंकित किया गया। 7 दिसंबर को उक्त आरोपियों ने विवेक कुमार को रास्ते में छेक लिया और उनसे मारपीट की। बाद में जब पीड़ित कोतवाली में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो पुलिस ने मुकदमा लिखने की बजाय गाली-गलौज कर उन्हें भगा दिया। पीड़ितों ने कहा कि एक ओर दबंगों का कहर दूसरी ओर पुलिस की साजिश वे इस अन्याय से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। अगर उनकी सुनवाई नही हुई तो उन्हें अनहोना कदम उठाना पड़ेगा। जिलाधिकारी ने जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई का अश्वासन दिया है।

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