0 मुख्यमंत्री की पेशी में कहीं न पकड़ी जाये कोई चूक
0 जिलाधिकारी ने बैठक करके विभागाध्यक्षों को चेताया
उरई। पंचायत चुनाव के तत्काल बाद प्रशासन को फिर एक कड़े इम्तिहान से दो-चार होना पड़ेगा। 15-16 दिसंबर को सम्भावित मुख्यमंत्री के दौरे को प्रशासन यही मान रहा है। जिलाधिकारी रामगणेश ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रमुख विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर उनके पेंच मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर कसे। इसमें मुख्यमंत्री की निगाह किन समस्याओं और योजनाओं पर जा सकती है इस पर चर्चा की गई और उन्हें संतुष्ट करने की कितनी तैयारी विभागों ने की है। जिलाधिकारी ने इसका जायजा लिया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सूखा प्रभावित जिला होने की वजह से रबी के पलेवा के लिए सिचाई साधनों की तैयारी पर सबसे ज्यादा सवाल कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने इसके मद्देनजर नलकूप, नहर और लिफ्ट सिचाई के अधिकारियों को काहिली से बाज आने की चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि अगर मुख्यमंत्री की निगाह में यह बात कही भी चढ़ गई कि किसानों को सिचाई के लिए परेशान होना पड़ा है तो उनकी खैर नही होगी।
जिलाधिकारी ने इन विभागों से यह भी कहा कि वे सूखा राहत योजना की तैयारी के तहत नये साधन विकसित करने के प्रस्ताव भी तैयार रखें। जहां नहर और नलकूप से सिचाई संभव नही है। उन इलाकों में लिफ्ट सिचाई की संभावना का आंकलन करें। जिलाधिकारी ने कहा कि लोहिया ग्रामों में हुए कार्यों की खबर भी मुख्यमंत्री प्राथमिकता के आधार पर ले सकते हैं। मतगणना और पंचायत चुनाव नतीजे घोषित होते ही प्रत्येक विभागाध्यक्ष एक-एक लोहिया ग्राम के निरीक्षण पर निकल जायें और वे अपने लिए आवंटित गांव में कम से कम तीन प्रमुख समस्यायें लिखकर लायें।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर भी पूंछतांछ करेंगे। उन्होंने सीडी-3 से जिन सड़कों पर काम चल रहा है उनका काम तीन चार दिन में फिनिश कर देने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि काम पूरी तरह गुणवत्ता पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने बिजली विभाग से कहा कि ट्रांसफार्मर, लाइनें और पोल की स्थिति में सुधार के साथ-साथ लो वोल्टेंज की समस्या का भी कारगर निदान कर लें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह, जिला विकास अधिकारी एसआर गौतम, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. आशाराम व कई विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।





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