कोंच-उरई। विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर श्री महावीर इंटर कॉलेज सामी में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन समर्पण जन कल्याण समिति द्वारा किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य दिगंबर सिंह निरंजन ने की। समर्पण जन कल्याण समिति के कार्यक्रम निदेशक राधेकृष्ण ने संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुये कहा कि मानवाधिकारों के बारे में युवाओं को जागरूक व सक्रिय करना अत्यन्त आवश्यक है क्योंकि पूरी आबादी का 40 प्रतिशत युवा हैं तथा आधी आबादी 25 बर्ष तक की उम्र वालों की है। घटती महिलायें तथा बढती हिंसा से जहां असुरक्षा तथा अविश्वास का माहौल हर जगह दिखायी दे रहा है, यदि प्रारंभ से ही मानवाधिकारों के बारे में व्यापक जन अभियान चलाने की आवश्यकता है इसके लिये सोच व दृष्टिकोण में बदलाव के द्वारा युवाओं में नया उत्साह व ताकत उभारना सभी का कर्तव्य है।
प्रवीण कुमार स्वर्णकार ने नीति निर्धारकों की इच्छाशक्ति व स्वयं रोल मॉडल बनने व शिक्षा अधिकारों अधिनियम के अंतर्गत बदलाव से अंतर आने की बात कही। सतीशकुमार त्रिपाठी ने मानव अधिकारों के साथ नागरिक कर्तव्यों के बारे मे सचेष्ट करने के लिये शिक्षा के साथ समाज को जोडने को संवेदित करने का आहान किया। शिक्षक रमेशदत्त मिश्रा, दीपचन्द्र स्वर्णकार व राहुल शुक्ला ने अपने विचार रखे तथा प्राथमिक स्तर से उच्च शिक्षा संस्थानों, मीडिया, स्वैच्छिक संगठन, जन संगठन व संबंधित अन्य स्टेक होल्डरों को मिलकर समय समय पर चर्चायें प्रशिक्षण संवाद संचालित करने की जरूरत बताई। समर्पण संस्था के क्षेत्र समन्वयक प्रदीप कुमार सिंह यादव ने कहा कि सबसे अधिक महिलायें मानव अधिकारों से वंचित हैं, आवश्यकता है कि शिक्षा स्वास्थ्य, रोजगार, बराबरी व समानता के अवसर यदि महिलाओं को सुलभ कराये जायें तथा जनसुनवायी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर समाधान संभव है। विद्यालय की छात्र छात्राओं ने मानव अधिकारों एवं बाल अधिकारों के बारे में जाना तथा भाग लिया।






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