उरई। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी की नामौजूदगी से डीएम भड़क गये। उन्होंने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी का एक माह का वेतन रोकने का फरमान जारी कर दिया। बाद में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी जब उनके सामने पेश हुए तो गलती प्रभारी सीएमओ की निकली।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. आशाराम की लचर कार्यशैली का एक और नमूना सामने आया। उन्होंने बैठक के लिए क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी को सूचना ही नही दी थी। जबकि स्वास्थ्य समिति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डीएम से डांट खाने के बाद बैठक के बीच ही प्रभारी सीएमओ ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी को बुलवा लिया। डीएम के सामने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. डीके जैन ने कहा कि उन्हें मौखिक या लिखित रूप में कोई सूचना दी गई होती तो उन्हें बैठक का पता होता। लेकिन उन्हें कोई सूचना नही दी गई थी। उन्होंने डीएम को भरोसा दिलाया कि उनकी बैठक की अवज्ञा करने की कोई मंशा नही थी। इसके बाद डीएम ने फिर प्रभारी सीएमओ को लताड़ पिलाई।
बैठक में डीएम ने सीएमओ से दवाओं के स्टाॅक के बारे में पूंछा तो उनका कहना था कि हाल ही में उन्होंने काफी दवायें मंगाई हैं। इसलिए स्टाॅक फुल है। दूसरी ओर मरीजों का कहना है कि जिला मुख्यालय के बाहर के सरकारी अस्पतालों में दवा न होने के कारण इलाज के लिए बाहर से दवा लानी पड़ती है।
एक अन्य सवाल के जबाव में प्रभारी सीएमओ ने कहा कि सबसे अच्छी स्थिति उरई के जिला अस्पताल की है। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी व माधौगढ़ में भी व्यवस्थायें दुरुस्त हैं। चुर्खी में फैली बीमारी के बावत उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाबई के प्रभारी चिकित्साधिकारी को कैंप के लिए चुर्खी भेजा गया था। उन्होंने घर-घर में लोगों को उपचार उपलब्ध करा दिया है अब स्थिति ठीक है।
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय कन्या विद्यालयों में महीने के दूसरे और चैथे शनिवार को संबंधित सरकारी अस्पताल की ओर से छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर आयोजित करने के निर्देश दिये। इसी के साथ उन्होंने इंद्रधनुष योजना की प्रगति के बारे में पूंछतांछ की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. आशाराम, जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्साधीक्षक डाॅ. वीवी आर्या, महिला अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्साधीक्षका डाॅ. सुनीता बनौधा, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी उपस्थित थे।






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