माधौगढ़-उरई। ब्लाॅक कार्यालय परिसर में शामियाना लगाकर नव निर्वाचित प्रधानों का शपथ ग्रहण समारोह पूरी भव्यता से आयोजित किया गया। महिला प्रधान घूंघट डालकर और बुर्का पहन कर कार्यक्रम में पहुंची। ब्लाॅक का पूरा स्टाॅफ और क्षेत्र के कई प्रमुख लोग भी इस समारोह में उपस्थित थे।
क्षेत्र के 57 प्रधानों में से 41 प्रधानों को ही शपथ दिलाई जा सकी। 16 अन्य प्रधान वार्ड सदस्यों का कोरम पूरा न होने की वजह से शपथ नही ले सके। उनके गांव में वार्ड सदस्यों के पूरे चुनाव होने के बाद ही उनकी शपथ होगी। शपथ ग्रहण का नजारा काफी दिलचस्प रहा। पंचायती राज में महिला आरक्षण का खोखलापन उस समय उजागर हो गया जब अपने परिजनों के साथ शपथ ग्रहण के लिए पहुंची नव निर्वाचित प्रधानों को चिलमन में जकड़े देखा गया। जाहिर है कि ज्यादातर महिला प्रधान डमी की भूमिका तक सिमटी रहेंगी और प्रधानी का असल संचालन उनके परिवार के पुरुष सदस्य करेंगे। एक प्रधान ने निरक्षर होने की वजह से रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने की बजाय अंगूठा लगाकर करोड़ो रुपये फूंक कर चलाये गये साक्षरता अभियान की हकीकत बयान कर दी।
ब्लाॅक परिसर के बाहर वाहनों की रेलमपेल देखी गई। पंचायतों के ज्यादातर नये कर्णधार चार पहिया वाहन के रथ पर सवार होकर ईमानदारी और निष्ठा से दायित्व का निर्वाह करने की सौगंध उठाने पहुंचे थे।
उधर रामपुरा में 26 ग्राम पंचायतों के नव निर्वाचित प्रधानों को खंड विकास अधिकारी प्रीति भसीन की अध्यक्षता में शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण मनीष कस्तवार, देवेंद्र राजावत, योगेश आदि ब्लाॅक स्टाॅफ और सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।






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