उरई। समता के साथ आध्यात्मिक विकास के नारे को बुलंद करने वाले महान संत गाडगे महाराज के 59 वें परिनिर्वाण दिवस पर संत गाडगे श्रीवास सेवा समिति (जीएसफोर) के तत्वावधान में पाठक बगीचा के पास अजय श्रीवास के निवास पर गोष्ठी आयोजित की गई।
इसमें कहा गया कि परम सत्ता की दृष्टि में उसके सारे पुत्र समान हैं। इसलिए सामाजिक विषमता को पोषित करना न केवल पाप है बल्कि धर्म विरोधी कार्य भी है। वक्ताओं ने कहा कि जिस समाज में समता और भाईचारे को महत्व नही दिया जाता इतिहास साक्षी है कि उस समाज का भीषण पतन होता है। संत गाडगे ने इसी दृष्टिकोण के तहत शोषित दमित समाज का आत्मबल जगाकर उसे उत्थान के लिए प्रेरित किया। उनके अनुयायियों को उनके दिशा निर्देशों के अनुरूप अपने जीवन पथ को निश्चित करना चाहिए यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
बाद में जीएसफोर के कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किये। इस मौके पर डाॅ. जीपी वर्मा, डाॅ. राजेश कुमार, अजय श्रीवास अज्जू, रामहेत वर्मा, सतीष श्रीवास, गुडडू श्रीवास, ऊदल कुठौंदा, चंद्र प्रकाश एडवोकेट, लालाराम राही, लायक सिंह, मानवेंद्र एडवोकेट, महेंद्र श्रीवास, डीपी सर सन ब्आज हास्टल, चंद्रशेखर आजाद, मुकेश बम्हौरी आदि उपस्थित थे।






Leave a comment