21orai07उरई। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में इंदिरा आवास योजना और मनरेगा के कार्यान्वयन का सोशल आॅडिट प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं के जरिए कराया जायेगा। इस आॅडिट के निष्कर्षाें से धांधली पर अंकुश लगने की आशा के साथ-साथ उक्त योजनाओं में सुधार की दिशा भी खोजी जायेगी।
बोहदपुरा स्थित ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान में मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह ने सोशल आॅडिट के लिए चयनित 38 स्वयं सेवकों को इंदिरा आवास योजना की पात्रता और लाभ देने के तरीके के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में पांच स्वयं सेवकों की टीम खुली आम सभा में यह परीक्षण करेंगी कि लाभार्थियों का चयन दिशा निर्देशों के अनुरूप किया गया था कि नही। साथ ही सहायता राशि का किसी प्रकार से कोई दुरुपयोग तो नही किया गया है। यह जानकारी भी सोशल आॅडिट टीम करेंगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा भी शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इसका उददेश्य पलायन रोकना और ग्राम पंचायतों के अंतर्गत लाभकारी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में मांगने वाले मजदूरों को काम दिया जा रहा है कि नही। साथ ही काम कितना सार्थक है और मनरेगा के कामों की वजह से ग्रामीणों के लिए कितनी सुविधाएं सृजित की जा सकी है इसका भी लेखा-जोखा स्वयं सेवक तैयार करेंगे। जिला प्रशिक्षण अधिकारी ने सोशल आॅडिट कार्यकर्ताओं से अपना दायित्व निष्ठापूर्वक व ईमानदारी से निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरीब की दुआ से बड़ा वरदान कोई दूसरा नही होता और अगर सोशल आॅडिट कार्यकर्ताओं ने सही तरीके से काम किया तो उन्हें गरीबों की दुआयें भरपूर तरीके से मिलेंगी। जिला काॅर्डिनेटर कुलदीप थापक, कदौरा ब्लाॅक के काॅर्डिनेटर कमलेशी बाबू सहित सभी ब्लाॅक काॅर्डिनेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

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