0 राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का दो दिवसीय कार्य बहिष्कार एवं हड़ताल धरना समाप्त

उरई। प्रदेश सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद प्रदेश इकाई के आवाहन पर चल रहे दो दिवसीय कार्य बहिष्कार एवं हड़ताल के समापन के दौरान सभा की अध्यक्षता शील कुमार दूरवार के नेतृत्व में आयोजित हुई। जिसका संचालन डाॅ. रामप्रकाश द्विवेदी ने किया।
हड़ताल सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रामप्रसाद श्रीवास्तव कहा कि राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों का मुददा विगत वर्ष से चल रहा है। जिसको लेकर पूर्व मे भी राज्य कर्मचारियों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल कर दी थी। जिस पर माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप पर प्रदेश सरकार ने मांगों की पूर्ति करने का आश्वासन परिषद के प्रतिनिधि मंडल को दिया था। जिस पर राज्य कर्मचारियों ने अपनी अनिश्चित कालीन हड़ताल समाप्त कर दी थी। लेकिन आज तक प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की उन लंबित मांगों की पूर्ति के लिए विचार नही किया और हमेशा कर्मचारियों द्वारा आवाज उठाने पर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार राज्य कर्मचारियों की विरोधी है और अपनी हठधर्मिता पर कायम है। हरीश कुमार राठौर ने कहा कि तीन राज्य कर्मचारियों को तीन सौ दिन के अर्जित अवकाश के स्थान पर छह सौ दिन का उपार्जित अवकाश की सुविधा देकर नगदी करण की सुविधा दी जाये। अंगद सिंह कछवाह ने कहा कि राजकीय क्षेत्र में कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकत्री, साहायिका, पीआरडी, होमगार्ड, रसोइया, आशा बहुएं, समन्वयक, मनरेगा कर्मी एवं मानदेय पर काम करने वाले कंप्यूटर आॅपरेटर को कम से कम 15 हजार रुपये प्रति मानदेय दिया जाये साथ ही राज्य कर्मचारी घोषित किया जाये। कैलाश यादव ने कहा कि छठवें वेतन समिति द्वारा लगभग 25 संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर की जायें एवं मृतक आश्रित पर लिपिक पद की नियुक्ति तुरंत की जाये। निर्भय यादव ने कहा कि भर्ती में ठेकेदारी व्यवस्था पूर्णतयः समाप्त की जाये। रामसिंह प्रजापति ने कहा कि 29 जून 1991 के पश्चात दैनिक वेतन भोगी व कार्य प्रमाणित कर्मचारियों को भी नियमित करके पेंशन का लाभ दिया जाये। धरना सभा के अंत में संचालन कर रहे डाॅ. रामप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि यह दो दिवसीय हड़ताल सिर्फ प्रदेश सरकार के लिए एक चेतावनी है। अगर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही वादा खिलाफी बंद न की तो कर्मचारी अनिश्चित कालीन कार्य वहिष्कार कर हड़ताल पर जाने को भी बाध्य हो सकते हैं। धरना सभा में प्रमुख रूप से बीएल पाराशर, केपी मिश्रा, धीरेंद्र दुबे, राजकुमार गौतम, प्रमोद प्रजापति, जाहर सिंह, आरसी पस्तोर, पुष्पेंद्र त्रिपाठी, सीमा निरंजन, प्रभा शुक्ला, पवन द्विवेदी, लोकेंद्र यादव, साधना सिंह, राजीव गोयल, आरके यादव, कपिल ओझा, जेपी गुबरेले सहित आधा सैंकड़ा से अधिक आंगनवाड़ी आशाएं, होमगार्ड, पीआरडी आदि कर्मचारी मौजूद रहे।






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