उरई। जनपद के वरिष्ठ नाट्य लेखक एवं निर्देशक सुरेंद्र सिंह कुशवाह को उनके उत्कृष्ट लेखन एवं नाट्य निर्देशन पर सुप्रसिद्ध अभिनेता राजा बुंदेला ने उनके द्वारा लिखित नाटक ‘सती के आंसू’ और ‘लाला हरदौल’ के मंचन उपरांत राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह लखनऊ में सम्मानित किया।
यह जानकारी देते हुए अनुरागिनी संस्था के अध्यक्ष डाॅ. प्रवीण सिंह जादौन ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय एवं बुंदेलखंड महापरिषद के सहयोग से लाला हरदौल का मंचन किया गया था जिसमें श्री कुशवाह को सम्मानित किया गया है। सुरेंद्र सिंह कुशवाह ने इससे पूर्व ‘कह रहीम कैसे निभै……..’ का नाटक का लेखन कर चुके हैं। लाला हरदौल के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन उरई में भी हो चुका है।
सुरेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा लिखित नाटक बुंदेलखंड की परंपरा और ओरक्षा के राजकुवंर लाला हरदौल के बलिदान और समर्पण पर आधारित है। बुंदेली लोग जीवन में हरदौल के प्रति श्रद्धा, आस्था तथा विश्वास की जड़े इतनी मजबूत हैं कि बुंदेलखंड के प्रत्येक गांव में हरदौल चबूतरा बने हैं। लाला हरदौल के नाटक का मुख्य उददेश्य नारी मर्यादा की रक्षा के लिए त्याग बलिदान मातृभूमि के समर्पण को लोगों में विशेषकर युवाओं को परिचित कराना है। इस अवसर पर अवध ग्लैक्सी आर्ट के प्रमुख विनय श्रीवास्तव, नाटक निदेशक प्रदीप श्रीवास्तव, पुलिस महानिदेशक महेंद्र मोदी, अविनाश मौर्या, लोक भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बृजेंद्र पाल सिंह, नाबार्ड के सलाहकार आरएस खांगर, बुंदेलखंड सांस्कृतिक एवं सहयोग परिषद के अध्यक्ष प्रो. एस.के गौड़, महासचिव देवकर नन्दन शांत हाईकोर्ट लखनऊ के न्यायपीठ सचिव, महेंद्र भीष्म, केएस सेंगर, शिक्षाधिकारी भगवत प्रसाद पटेल, डाॅ. कुमारेंद्र सिंह सेंगर, अजय महतेले, बृजबिहारी गुप्ता, रविंद्र परमार, लक्ष्मी प्रसाद राजपूत, अटल सिंह, महेंद्र कुमार द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, बुंदेलखंड महापरिषद के संयोजक शंकर दयाल, नेहरू युवा केंद्र संगठन भारत सरकार के अधिकारी वीके सिंह आदि प्रमुख लोग उपस्थित थे।






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