0 अवध शर्मा अरविंद चच्चू ने नहीं भरा पर्चा
0 खास लोगों तक ही सिमट कर रह गया नया नियम
उरई। भाजपा में नये जिलाध्यक्ष के चयन के लिए रविवार को नामांकन कराये गये। सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने की तस्वीर स्पष्ट नही हो पाई। नामांकन के लिए प्रदेश स्तर से जो नए नियम बनाये गये वे भी ज्यादातर लोगों को पंसद नही आये। ऐसी परिस्थिति में सिर्फ चार लोग ही अपना पर्चा भर पाये। उदयन पालीवाल, दिलीप दुबे, अनिल बहुगुणा और नागेंद्र गुप्ता में से किसी एक पर अब निर्णय होगा।
विशेष गतिविधियों के लिए फिर से राजेंद्र नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर को चुना गया। नये नियमों के तहत चुनावी प्रक्रिया को पूरा कराने को चुनाव प्रभारी बृजेंद्र राय मौजूद थे। इस बार नामांकन कराने का जो नया नियम सामने आया, इसके तहत वही व्यक्ति अपना नामांकन करा सकता था जो कम से कम चार मंडल अध्यक्षों को प्रस्तावक समर्थक बनवाये। इस पर आरोप भी लगे। कहा गया कि इस तरह की तरकीब कुछ लोगों को ही पता रही। खास लोगों को प्रस्तावक एवं समर्थक संबंधी आंकड़ा मालूम होने से उन्होंने समय रहते अपने पक्ष में समर्थन जुटा लिया और अन्य लोग समर्थन जुटाने से वंचित हो गये। पार्टी के वरिष्ठ नेता अवध शर्मा और जिला बार संघ के सचिव अरविंद चच्चू नामांकन नहीं कर पाये। इन दोनों नेताओं का तिकड़म भरी राजनीति से मन क्षुब्ध दिखा।
नामांकन का समय 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निश्चित था लेकिन किसी कारणवश इसका समय बढ़ाना पड़ा। नामांकन पत्र 8 लोगों द्वारा खरीदे गये। बाद में प्रस्तावक एवं समर्थकों का कोरम पूरा होने के कारण सिर्फ चार पर्चें ही नियमानुसार पाये गये। अब दिलीप दुबे, उदयन पालीवाल, अनिल बहुगुणा तथा नागेंद्र गुप्ता अध्यक्षी की होड़ में हैं। इस दौरान चुनाव अधिकारी ने बारी-बारी से प्रस्तावक और समर्थक बनने वाले लोगों से अलग-अलग राय समझी। प्रयास हुआ कि सर्व सम्मति से एक नाम तय हो जाये ताकि उस पर जल्द फैसला हो सके किंतु ऐसा संभव नही हो सका।
जिलाध्यक्ष बनने के इस अभियान के तहत योजनाबद्ध ढंग से ऐसा भी प्रयास किया गया कि सभी दावेदारों को प्रस्तावक और सार्थक न मिल सकें। कुछ मंडल अध्यक्ष काफी बाद में पहुंचे या वे एक नेता के घर पर बैठकर नामांकन समय बीत जाने का इंतजार करते रहे। गौरतलब है कि इस बार भाजपा के 12 मंडलों का गठन हुआ है। नामांकन के लिए एक तिहाई मंडल अध्यक्षों का प्रस्तावक/समर्थक बनना अनिवार्य कर दिया गया था। पार्टी की यह नीति अधिकांश कार्यकर्ताओं को रास नही आई है। इस नियम पर प्रोफेसर रविकांत द्विवेदी, पृथ्वीराज चैहान जैसे प्रमुख नेताओं ने उंगली भी उठाई। श्री द्विवेदी ने इस संबंध में चुनाव अधिकारी से भी बात की। परिसर में मौजूद कार्यकर्ताओं ने इस तरह के नियम को लेकर प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह को आरोपित करते हुए कहा कि वह अपने पंसदीदा व्यक्ति को अध्यक्ष बनवाने के लिए इस तरह की रणनीति बनाकर नियम को प्रदेश नेतृत्व का नियम बताया गया है। इस दौरान नरेंद्र पाल सिंह जादौन, राजेश सिंह नूरपुर, अरविंद चैहान, राकेश तिवारी, तरुण तिवारी, अरुण सेंगर ऊमरी, पुष्पेंद्र सिंह, देवेंद्र यादव सरगर्मी में शामिल रहे।
जगदीश के कार्यकाल को शून्य की श्रेणी में रखा गया
0 14 सदस्यों की सूची में नही रखा गया नाम
0 नया नियम कहीं बंद न करा दे आपस में राम जुहार
उरई। भाजपा ने नामांकन का नया नियम क्या बनाया, नेताओं की आपसी राम जुहार की कोशिश जरूर की लेकिन बाद में उन्हें जिला चुनाव अधिकारी के सामने अपनी पसंद का कोई एक नाम बताना पड़ा। किसी एक नाम पर सर्व सम्मति न बन पाने से अब 35 लोगों के साथ चुनाव अधिकारी राय शुमारी करेंगे। ऐसा होने पर भोलू पालीवाल, दिलीप दुबे और नागेंद्र गुप्ता के नामों पर अलग-अलग राय बन सकती है। वरिष्ठता के आधार पर अनिल बहुगुणा ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है लेकिन राय शुमारी में कहीं वे पिछड़ न जायें।
जिलाध्यक्ष का यह चुनाव संगठन मंत्री रत्नाकार जी एवं प्रदेश महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के वर्चस्व के बीच सिमटता नजर आ रहा है। दिलीप के पक्ष में स्वतंत्र देव ने मजबूती के साथ ताना-बाना बुन रखा है लेकिन उनके अब तक संगठन की गतिविधियों से दूर रहने के कारण पार्टी के एक कोने से आवाज भी उठ सकती है। ऐसे में उदयन पालीवाल व नागेंद्र से चुनौती मिलना संभव है। उम्मीद की जा रही है कि शीघ्र ही सांसद भानुप्रताप वर्मा, प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह, क्षेत्रीय मंत्री कौशल किशोर, पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिओम उपाध्याय, बृजभूषण मुन्नू, उदय पिण्डारी, मूलचंद्र निरंजन, नरेंद्र सिंह जादौन, वर्तमान जिला प्रभारी उदयन पालीवाल, जिला महामंत्री नागेंद्र गुप्ता, मनोज राजपूत, समन्वयक रमेश कपासी के अलावा 12 मंडलों के अध्यक्ष बैठकर अपना पक्ष रखेंगे। पार्टी ने इसमें जगदीश तिवारी का नाम शामिल नही किया है। उनके कार्यकाल को शून्यकाल की श्रेणी में रखा गया है।







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