0 यादों में रह गईं छह दशक की कोंच रामलीला को दी गई सेवायें
कोंच-उरई। नगर के जानेमाने समाजसेवी एवं बुजुर्ग रंगकर्मी चंद्रशेखर पालीवाल (88) का रविवार को उनके निज निवास पर देहावसान हो गया। वे कुछ समय से बीमार थे और आज उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर कोंच की ऐतिहासिक रामलीला का एक बहुत ही मजबूत स्तंभ ढह गया है। दिवंगत पालीवाल गुजरे साठ दशक से रामलीला को अपनी निस्वार्थ सेवायें देने के लिये जाने जायेंगे। उन्होंने रामलीला में हर तरह के किरदार निभाये और उन्हें जीवंत किया।
पालीवाल के निधन पर रामलीला संचालित करे वाली मातृ संस्था श्री धर्मादा रक्षिणी सभा, श्रीराम लीला समिति तथा रंगकर्मियों की सामूहिक शोकसभा यहां बल्दाऊ धर्मशाला में संपन्न हुई जिसमें दिवंगत पालीवाल के कृत कार्यों को याद करते हुये उन्हें उत्कृष्ट कलाकार निरूपित करते हुये कहा गया कि उनके निधन से रिक्त स्थान की भरपाई होना असंभव है। पालीवाल ने सभी प्रकार के चरित्रों को बखूबी जिया और अपनी अभिनय कला की छाप दर्शकों पर ऐसी छोड़ी कि आज भी लोग उन्हें याद करते हैं। इस दौरान धर्मादा अध्यक्ष केशव बबेले, मंत्री राकेश अग्रवाल, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र गुप्ता, मंत्री सतीश राठौर, रामलीला विशेषज्ञ रमेश तिवारी, नरोत्तमदास स्वर्णकार, विनोद दुवे दरोगाजी, पुरूषोत्तमदास रिछारिया, गोविंदशरण मिश्रा, राहुल तिवारी, संजय सोनी, वीरेन्द्र त्रिपाठी, अतुल शर्मा, अभिषेक रिछारिया, सूर्यदीप सोनी, मृदुल दांतरे, दुर्गेश शुक्ला, दीपू सोनी, पवन परिहार, मिरकू महाराज, राजेन्द्र भारद्वाज, ऋषि झा, सुमित झा, राहुल राठौर, मुन्नालाल पटैरया, राजेन्द्र वेदी, नवनीत गुप्ता, संतोष तिवारी, चैधरी मुन्नालाल अग्रवाल, मंजू नगाइच, पवन अग्रवाल, सतीश पाटकार, शिवम झा, आशुतोष रावत, पवन दांतरे, हिमांशु राठौर, सौरभ मिश्रा, करूणानिधि शुक्ला, निर्भय यादव, आनंद पांडे सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।







Leave a comment