0 भौतिक सत्यापन कर राहत राशि का लिया जायजा
28orai07कोंच-उरई। गत वर्ष हुई अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को सरकारी इमदाद भेजी गई थी जिसका समुचित वितरण प्रशासन और राजस्व विभाग द्वारा कराये जाने के दावे भले ही किये जाते रहे हों लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी हजारों किसान ऐसे हैं जिन्हें एक धेला भी बतौर इमदाद नहीं मिल सका है। ऐसे किसान तहसील से लेकर जिलाधिकारी तक के दरों पर भटकने को मजबूर हैं। ऐसी ही एक शिकायत जो जिलाधिकारी के यहां की गई थी, के निस्तारण के लिये तहसीलदार जितेन्द्रपाल ने सुलखना गांव में खुली चैपाल लगा कर जब सत्यापन किया तो जिन किसानों को राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत सामने आई थी उनके नाम पहले से ही सूची में दर्ज हैं और उनके खातों में पैसा पहुंचाने के लिये बैंक को भी भेजा जा चुका है, यानी बैंकों की ढीलपोल का मामला ही सामने आया है।
बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। बर्बाद किसानों के घावों पर मरहम रखने के लिये प्रदेश सरकार ने उन्हें आर्थिक इमदाद भी मुहैया कराई थी। नियम के मुताबिक अबकी दफा किसानों को चेकों द्वारा भुगतान न देकर पैसा सीधा किसानों के खातों में भेजा गया था ताकि बिचैलियों की नजर किसानों के पैसों को न लगे। फसलें बर्बाद हुये पूरा वर्ष गुजरने को है लेकिन अभी भी तमाम गांवों से शिकायतों के आने का क्रम बना हुआ है कि अमुक को पैसा नहीं मिला। ऐसा ही एक मामला डीएम रामगणेश के संज्ञान में डाला गया था ग्राम सुलखना का जिसमें सुलखना ग्राम तहसील कोंच के 65 किसानों को राहत राशि से वंचित होना बताया गया था। उक्त किसानों की तरफदारी में उतरे गांव के अखिलेश व्यास ने जिलाधिकारी को लिखित रूप में गांव वासियों की पीड़ा बताई जिस पर डीएम ने तत्काल एसडीएम कोंच संजय कुमार सिंह व तहसीलदार जितेन्द्रपाल को स्थिति से अवगत कराते हुये जरूरी आदेश दिये जिसमें चैबीस घंटे के भीतर गांव में जाकर सूची का पुनरीक्षण कर वंचित लोगों को राशि वितरित करने को कहा था। आदेशों के अनुपालन में तहसीलदार ने मौके पर जाकर जब मामला समझा तो बैंक की कारगुजारी के चलते पैसा किसानों के खातों में नहीं पहुंचा है। तहसीलदार ने बताया है कि सूची में उन सभी किसानों के न सिर्फ नाम दर्ज हैं बल्कि उनका पैसा भी बैंकों को भेजा जा चुका है।किसानों के खातों में प्राथमिकता के अधार पर पैसा पहुंचायें बैंक
28orai08किसानों के खातों में साल गुजर जाने के बाद भी दैवीय आपदा की राहत राशि नहीं पहुंच पाने से खफा अधिकारियों ने आज बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ आपात बैठक कर उन्हें चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर सभी बकाया किसानों के खातों में पैसा पहुंच जाना चाहिये अन्यथा उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिये बाध्य होना पड़ेगा। तहसील कार्यालय में एसडीएम संजयकुमार सिंह की अध्यक्षता व तहसीलदार जितेन्द्रपाल की मौजूदगी में संपन्न हुई इस बैठक में अधिकारियों ने कहा कि उनके गैर जिम्मेदाराना रवैये का शिकार यहां के किसान हो रहे हैं, यहां के किसान बहुत ही सीधे सादे हैं लिहाजा उनकी सिधाई का नाजायज फायदा न उठाया जाये बल्कि किसानों का काम प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाये। अगर किसी के खाते में कोई त्रुटि है तो तहसील को अवगत करायें। उन्होंने किसानों को भी इंगित करते हुये कहा कि अगर कोई किसान राहत राशि पाने से वंचित रह गया है तो गांव वाइज सूची बना कर तहसील को उपलब्ध करायें। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 49 हजार 258 किसानों के खातों में 9 हजार के हिसाब से 28 करोड़ 12 लाख 19 हजार 026 दिया जा चुका है जबकि 6 हजार 295 किसानों को डबल राशि दी जा चुकी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि लगभग 6 सौ किसान ऐसे शेष बचे हैं जिनके खातों में छोटी मोटी त्रुटि के कारण पैसा हस्तांतरित नहीं हो पाया है। इस दौरान स्टेट बैंक शाखा प्रबंधक एसके त्रिपाठी, इलाहाबाद बैंक के एलआर भारती, पीएनबी से रजनीश कुमार, स्टेट बैंक मंडी से बीपी मिश्रा, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से अशोक बरार, इलाहाबाद बैंक मंडी से माहीलाल, सेन्ट्रल बैंक से दीपेन्द्रकुमार, जेडीसी बैंक से आरके सचान आदि मौजूद रहे।

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