29orai03कोंच-उरई। बाबा धनसिंह रिसालदार महाविद्यालय अंडा के प्रबंधक बीबी सिंह ने छात्र छात्राओं की एक कार्यशाला को संबोधित करते हुये कहा कि प्रकृति के साथ एक सीमा से ज्यादा छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिये क्योंकि जब प्रकृति का अत्यधिक दोहन किया जायेगा तो उसमें विकृतियां पैदा होंगी और उनके कारण हमें विभिन्न प्रकार की आपदाओं से जूझना पड़ता है। यह बात उन्होंने पर्सनालिटी डेवलपमेंट को लेकर आयोजित कार्यशाला के दौरान कही।
ग्राम अंडा में बाबा धनसिंह रिसालदार महाविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शुरू हुआ है। कार्यशाला की बिषय वस्तु पर्सनालिटी डेवलपमेंट को लेकर तमाम लेक्चर वक्ताओं द्वारा दिये गये और छात्र छात्राओं से अपेक्षा की गई कि बेहतर भबिष्य के लिये पर्सनालिटी भी मुख्य फैक्टर है जिसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। महाविद्यालय प्रबंधक बीबी सिंह ने उपयुक्त समय देख कर ग्लोबल वार्मिंग और असहिष्णुता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की, कहा कि ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण प्राकृतिक असंतुलन है जिसके कारण समूचा विश्व प्रभावित है और वैश्विक स्तर पर इससे निपटने के उपाय खोजने में सभी देश लगे हैं। असहिष्णुता को उन्होंने दिमागी उपज बताते हुये कहा कि दरअसल इस शब्द का प्रयोग करके कतिपय लोग अपने राजनैतिक स्वार्थों की पूर्ति में लगे हैं और अकारण ही इस शब्द को हवा दे रहे हैं जबकि भारत एक ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा धर्मों और वर्गों के लोग आपस में मिलजुल कर रहते आ रहे हैं। सभा में कॉलेज के टीचर मनोज पटेल, गुलाब सिंह, नाजमा परवीन, आशीष टीहर, जितेन्द्र झा, राजेश बाबूजी आदि ने भी विचार व्यक्त किये। इस कार्यक्रम में छात्र छात्राओं ने काफी रूचि दिखाते हुये बड़ चढ़ कर भाग लिया। छात्र छात्राओं आकाश शिवहरे, नाजमा सिद्दीकी, जितेंद्र, निशा पटेल, निशा झा, रितु, निशा सोनी, सविता, सुलेखा, पूजा, रामजी, दीपक, सोमनाथ, सागर गुप्ता रजनीश, मानवेन्द्र, निकिता चैरसिया, सरिता दोहरे, निधि सोनी, शिखा गौतम, मालतीदेवी, वंदना कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

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