cropped-12065564_1515048802143994_20145587447710710_n.jpgउरई। प्राकृतिक आपदा के कारण बर्बाद फसल के लिये राहत राशि के चेकों के वितरण में अंधा बांटे रेवड़ी चीन्ह-चीन्ह कर दे का आलम है। कई किसानों को बार-बार चेक दी गयी है तो कई किसानों को इतने महीने बाद भी राहत के नाम पर एक रुपये की सहायता भी नहीं मिल पायी है। ऐसा ही अन्धेर ऊमरी नगर पंचायत क्षेत्र के किसानों के साथ हुआ। उन्होंने आज भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लम्बरदार और भाजपा नेता पवन प्रताप सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी से इसकी सप्रमाण शिकायत की। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश कर दिये हैं।
किसानों ने बताया कि राम अवतार पुत्र रामस्वरूप, वीरेन्द्र सिंह पुत्र जसराम सिंह, चन्द्रभान पुत्र बालकराम, शिवकुमार पुत्र रामदास, करन सिंह पुत्र वीरेन्द्र सिंह, पप्पू सिंह पुत्र वीरेन्द्र सिंह, राजनारायण पुत्र कामता प्रसाद आदि को एक से तीन बार तक चेकेें मिल चुकी हैं। धांधली के इसी क्रम में रामनरेश, रामकिशोर, चन्द्रकिशोर, रामचरन व सरमन देवी को भूमिहीन होते हुए भी फसल नुकसान की चेकेें थमा दी गयीं। दूसरी ओर मुला देवी पत्नी जयेन्द्र प्रताप सिंह, उमेश सिंह पुत्र मन्नी सिंह, शिवप्रताप सिंह पुत्र मान सिंह, रूप सिंह पुत्र फूल सिंह, भगवती देवी पत्नी नवाब सिंह, महाराज सिंह पुत्र नवाब सिंह, उर्मिला देवी पत्नी विशम्भर दयाल दुबे, सुरेन्द्र कुमार पुत्र मोतीलाल, वीरू पुत्र मोतीलाल, निर्मला देवी पत्नी कल्याण सिंह, महेश पुत्र शिवसेवक और रामवीर पुत्र रामदास तिवारी पर लेखपाल की नजरें इनायत नहीं हुईं। जिसके कारण उन्हें अपनी खेती में भारी नुकसान के बावजूद राहत राशि के लिये सरकारी दफ्तरों के आज तक चक्कर ही काटने पड़ रहे हैं।
बलराम सिंह लम्बरदार ने इस करतूत को सरकार की मंशा के खिलाफ और लेखपाल की भीषण जुर्रत का उदाहरण बताया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस मामले में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता दिखायेगा। उन्होंने माधौगढ़ के उपजिलाधिकारी को दस दिन के अन्दर पूरी जांच करके चेक वितरण में धांधली के लिये जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किये।

Leave a comment