0 डीएम ने हर ब्लाक में दो कांजी हाउस बनाने के दिये निर्देश
उरई। अन्ना पशु प्रथा के कारण जिले में मंडरा रहे सांप्रदायिक अशांति के खतरे ने प्रशासन की पेशानी पर बल पैदा कर दिया है। चिंतित डीएम और एसपी ने बैठक बुलाकर खण्ड विकास अधिकारियों से इस समस्या पर गम्भीरतापूर्वक विराम लगाने का प्रयास करने को कहा।
जिलाधिकारी रामगणेश ने कल बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा जालौन रोड पर लगाये गये जाम का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव वाले दूध छोड़ चुके जानवरों को शहर की ओर धकेल रहे हैं। दूसरी ओर इस आपाधापी में गौवंश को वध के लिये ले जाये जाने की अफवाहें तूल पकड़ रही हैं। इसका तनाव बेहद संवेदनशील है। जिसमें सतर्कता न बरती गयी तो कानून व्यवस्था की स्थिति के लिये संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लाक में दो-दो कांजी हाउस स्थापित करने के लिये हर खण्ड विकास अधिकारी आज शाम तक उन्हें गांव के नाम सुझायें। यह कांजी हाउस मनरेगा के जरिये बनवाये जायेंगे। डीएम ने कहा कि प्रस्तावित कांजी हाउस वृहद स्तर के होने चाहिये जिसमें कम से कम 250 जानवर एक साथ बंद किये जा सकेें। उन्होंने कहा कि इनमें चारे की व्यवस्था के लिये सरकारी फंड तो नहीं है लेकिन सभ्रान्त लोगों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इसकी व्यवस्था की जायेगी।
पुलिस अधीक्षक एन कोलांची ने कल के जाम के मद्देनजर कहा कि किसान खेतों की बाड़बंदी में बिजली दौड़ाने या नुकीले और कटीले तारों के प्रयोग से परहेज करें वरना इस वजह से अगर किसी जानवर की मौत होती है तो सम्बन्धित किसान के खिलाफ मुकदमा लिखा जायेगा। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कल की घटना के लिये जिस किसान के खेत में बछड़े की मौत करेन्ट लगने से हुई है उसके खिलाफ एफआईआर के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।






Leave a comment