उरई। दो दिवसीय जनपद दौरे के अंतर्गत उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से आई मोबाइल लोक अदालत वैन ने तहसील उरई, जालौन, कोंच और कालपी क्षेत्र के कई ग्रामों, कस्बों एवं मजरों में भ्रमण करते हुए ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी सलाह दी। इसी क्रम में जनपद के तीन स्थानों पर विशेष विधिक जागरूकता शिविरों का भी आयोजन किया गया। इनमें जनसामान्य और वादकारियों को विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण विधिक जानकारियां प्रदान की गई।
ज्ञातव्य है कि जालौन के पास ग्राम भिटारा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर काॅलेज और तहसील सभागार जालौन में आयोजित विशेष विधिक जागरूकता शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से पधारे सदस्य-सचिव सत्यनारायण अग्निहोत्री ने कहा कि आधुनिक युग में विधिक जानकारी का होना अत्यन्त आवश्यक है, क्योंकि विधिक ज्ञान न होने का आश्रय लेकर किसी भी आरोप से न्यायालय में नही बचा जा सकता। सुखी जीवन यापन के लिए यह बहुत आवश्यक है कि विधि का सामान्य ज्ञान समाज के सभी व्यक्तियों को हो, ताकि समय रहते वह किसी भी अनहोनी या अपराध, शोषण या अत्याचार से स्वयं व अपने परिवार को बचा सकें। उन्होंने इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई क्षतिपूर्ति योजना और उ.प्र. पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के विषय में विस्तार से जानकारी दी और यह भी कहा कि राह चलते यदि कभी कोई दुर्घटना हो जाये तो दुर्घटना कारित करने वाले ड्राइवर को मत मारें-पीटें, क्योंकि ऐसा करने से वह अन्य राहगीरों को भी कुचल सकता है।
सदस्य-सचिव श्री अग्निहोत्री ने जादूटोना और झाड़-फूंक से बचने की सलाह देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति असामान्य हरकतें कर रहा है, तो वह निश्चित रूप से मनोरोगी हैं और ऐसे व्यक्ति का किसी मनोचिकित्सक से इलाज कराना चाहिए। उन्होंने किन्नरों के साथ भी अच्छा व्यवहार करने की सलाह देते हुए कहा कि प्रकृति ने उनके साथ भले ही अन्याय किया हो, किन्तु मनुष्य को इनके साथ अन्याय या उपेक्षापूर्ण व्यवहार करने से बचना चाहिए। उन्होंने अन्य कई सामाजिक मुददों यथा-कन्याभ्रूण हत्या, बालविवाह, कुपोषण और साम्प्रदायिक सौहार्द पर भी कई महत्वपूर्ण बातें बतायीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जनपद न्यायाधीश सतीशचंद्र शर्मा ने लोक अदालतों के लाभों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। वरिष्ठ अपर जिला जज नंदलाल ने जनपद के सभी तहसील, थाना/कोतवाली, विकासखंड और ग्राम/न्याय पंचायतों में संचालित लीगल केयर एण्ड सपोर्ट सेंटर के बारे में बताते हुए कहा कि इन्हें लीगल ऐड क्लीनिक के नाम से जाना जाता है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पीयूष तिवारी ने कार्यक्रम के उददेश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। जिला दीवानी न्यायालय में संचालित मध्यस्थता एवं सुलह-समझौता केंद्र के संबंध में इसके प्रभारी अधिकारी/अपर जिला जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने मध्यस्थता के महत्व एवं इसकी प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई। इसी क्रम में सिविल जज जूनियर डिवीजन जालौन विनय कुमार सिंह ने विधिक सेवा कार्यक्रम के विविध पक्षों पर व्यापक प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसामान्य से इसका लाभ उठाने की अपील की।






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