उरई। शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बुधवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई ने बेसिक शिक्षाधिकारी से भेंट की और उन्हें एक लिखित ज्ञापन सौंपा। बेसिक शिक्षाधिकारी राजेश वर्मा ने सभी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार का आश्वासन दिया है।
संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र राजपूत और प्रभारी अरविंद नगायच ने बीएसए को बताया कि जूनियर विद्यालयों में तैनात किये गये विज्ञान एवं गणित के शिक्षकों को सत्यापन की औपचारिकता में हो रहे विलंब की वजह से कई माह गुजर जाने के बावजूद वेतन नही मिला है। इस स्थिति का तत्काल प्रभावी समाधान किया जाये। एक अन्य मांग में महासंघ ने शिक्षा मित्र से अध्यापक बने शिक्षकों को अवशेष वेतन तथा एरियर का एक साथ भुगतान कराने व नदीगांव के बिल लिपिक महेंद्र कुमार द्वारा इस मामले में उनके शोषण को रुकवाने का भी आग्रह किया।
पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों के लंबित देयक भुगतान का मामला भी महासंघ के पदाधिकारियों ने उठाया। क्लास के पहले घंटे में प्रधानाध्यापकों से एसएमएस के जरिए बच्चों की उपस्थिति संख्या मांगने की व्यवस्था के बाबत व्यवहारिक कठिनाइयों से बीएसए को अवगत कराया गया। शीतकालीन स्थिति में विद्यालयों का समय सुबह 10 से शाम 3 बजे तक करने, डयूटी से बचने के लिए जिला कार्यालय अथवा विकास खंड कार्यालय में अपनी तैनाती कराने वाले शिक्षकों को उनके मूल विद्यालय में भेजने, विद्यालयों की रंगाई-पुताई का पूरा बजट देने, शिक्षकों को एमडीएम से पृथक करने, अदेयता प्रमाणपत्र की व्यवस्था का सरलीकरण करने और प्रधानाध्यापकों व जूनियर विद्यालयों में सहायक शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए अतिशीघ्र पदोन्नतियां करने की मांग भी इसमें की गई।
बीएसए से वार्ता में संरक्षक प्रकाश नारायण पाठक और संघर्ष समिति के अध्यक्ष इलियास मंसूरी भी उपस्थित थे।






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