उरई। गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आज परस्वार्थ महिला सेवा संस्थान उरई के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा गया।
संस्थान की अंजू शर्मा तथा शांतिबाई, अंशू देवी, जमुनादेवी, किशोरी देवी, सुनीता देवी, पुष्पादेवी, पूनम देवी, सुघरबाई, सावित्री, सिहारीवाली, मुन्नी, राजकुमार, पानकुंवर, नेहा, नीलम, मनोरमा, कांति, नबलदुलईया, ब्रजरानी, हलीमन, दीपू, शीतला, केशकली आदि ने राष्ट्रपति का ध्यान आकृष्ट करते मांग की है कि आजादी के 60 साल बाद भी देश में 60 प्रतिशत लोग गरीब है। 10 प्रतिशत व्यापारी, दस प्रतिशत अधिकारी और बीस प्रतिशत कर्मचारी हंै। ऐसे में 60 प्रतिशत लोगों के लिए रोजी-रोटी का संकट गहराया हुआ है। गांव के गरीब सवर्ण पिछड़े एवं दलित वर्ग के लोगों को नौकरी नसीब नही हो रही है। गरीब और गरीब होता जा रहा है अमीर और अमीर होता जा रहा हैै। गांव में खेती किसानी पर निर्भर लोगों को मजदूरी भी नही मिल पा रही है। आज 30 बीघा जमीन से एक चपरासी के बराबर वेतन भी नही निकल पा रहा है। गरीब की आड़ मंे आरक्षण का लाभ अमीर उठा रहे है। सबसे ज्यादा शोषण महिलाओं का हो रहा है। गांव की दलित वर्ग की महिलाएं जिंदगी भर मजदूरी करती है लेकिन उनके लड़को को नौकरी नही मिल पाती है। आज नेता का लड़का नेता और अधिकारी का लड़का अधिकारी बन रहा है। लेकिन मजदूर का लड़का चपरासी भी नही बन सकता। जिसके कारण गांव में आर्थिक असमानता की खाई और चैड़ी होती जा रही है। इसलिए आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू किया जाये






Leave a comment