cropped-12065564_1515048802143994_20145587447710710_n.jpg0 बंदियों के परिजनों का शोषण रोकने को उठाया कदम उरई। अब जिला कारागार में बंद कैदियों के परिजनों को एक बड़ी राहत कुछ ही दिनों में उपलब्ध होने जा रही है। जिसमें जेल में बंद कैदी के परिजन घर बैठे ही आॅनलाइन अपनी पर्ची बुक करा सकते हैं ओर निर्धारित समय पर आकर अपने बंदी से मिल सकते हैं।
प्रदेश सरकार की ई-प्रियजन कार्य योजना के द्वारा इसका लाभ मिलेगा जो जिला कारागार के ठीक सामने बनकर तैयार हो गया है। प्रदेश सरकार की ई-प्रियजन कार्ययोजना में एक हिस्सा विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम के तहत कम्प्यूटराईज मुलाकात पर्ची द्वारा शुरू कराना है। जिसके लिए जिला कारागार के सामने कम्प्यूटर कक्ष अब बनकर तैयार हो गया है। जिसमें अब पर्ची के लिए लंबी कतार लगाने की जरूरत नही होगी सीधा कंप्यूटर कक्ष के बाहर जाकर कारागार में बंद कैदी का नाम बताते ही उस कैदी का वायोडाटा खुल जायेगा और बुक कराने वाले का भी चेहरा वहां लगे कैमरों में कैद होगा। जिससे यह पता चलता रहेगा कि कौन व्यक्ति किससे कब मिलने आया। सारा रिकार्ड आॅन लाइन उपलब्ध होगा। उक्त योजना के शुरू होते ही जिस कैदी के परिजन काफी दूर से आते हैं और काफी परेशानी के बाद बंद कैदी से मिल पाते हैं ऐसे लोगों को इस सेवा के शुरू होते ही घर पर बैठे-बैठे ही आॅन लाइन जिला कारागार द्वारा जारी हुई वेव साइट पर बुक किया जायेगा।
कैदियों का रिकार्ड भी होगा आॅनलाइन
जिला कारागार में बंद कैदियों का अब रिकार्ड आॅन लाइन होगा। जिसमें कैदी कब आया किस धारा में आया कितने बार जेल आ चुका है ऐसी कई अहम बातें अब आॅन लाइन होंगी। जिससे एक बार क्लिक करते ही हर बंदी की जन्म कुण्डली कम्प्यूटर पर दिखाई देंगी।
बंदी के परिजनों का समय भी बचेगा
जेलर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि जिला कारागार के सामने बनकर तैयार हुए कंप्यूटरीकृत मुलाकात कक्ष में आने-जाने वाले बंदी के परिजनों का अब बहुत समय बचेगा उन्हें अब इंतजार नही करना होगा। सीधा आकर पर्ची बुक करें और अपने बंद कैदी से मुलाकत करें।

Leave a comment

Recent posts