उरई। गौ माता के छुटटा विचरण से त्रस्त मड़ोरा गांव के किसानों ने आज लगभग डेढ़ सौ मवेशी कलैक्ट्रेट में लाकर हांक दिये। इसके बाद भी उनका गुस्सा शांत नही हुआ उन्होंने डीएम को लिखित ज्ञापन देकर उनके सामने जमकर अपनी भड़ास निकाली।
खड़ी फसलों के लिए अन्ना जानवर सबसे बड़े दुश्मन बन गये हैं। लोगों द्वारा छुटटा छोड़े जाने वाले मवेशियों में सर्वाधिक गौ माता होती हैं। एक ओर उनसे फसलों की बर्बादी का खतरा है दूसरी ओर उन्हें हांकने में किसी किसान का डंडा ज्यादा चल गया और गौ माता के प्राण निकल गये तो कसाइयों के मत्थे उसकी मौत मढ़कर साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने वाले खिलाड़ी भी कहीं से कमजोर नहीं हैं। इस समस्या के समाधान के नाम पर प्रशासन गाल बजाने और हवा-हवाई उपाय सुझाने के अलावा कुछ नही कर पा रहा। नतीजतन कुछ दिनों से किसी न किसी गांव के किसान सामूहिक रूप से दर्जनों की संख्या में गायें लाकर प्रशासन के पावर हाऊस यानि कलैक्ट्रेट में उसे चुनौती देने के लिए आने का क्रम बनाये हुए हैं। इस ट्रेंड के बावजूद अधिकारी चेतने को तैयार नही हैं।
आज जिला मुख्यालय के समीप स्थित मड़ोरा गांव के किसान भी गुस्से के इजहार के लिए यही तरीका अपनाते हुए कलैक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलैक्ट्रेट परिसर में तमाम गायों को छुटटा करने के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। हमेशा की तरह डीएम ने जल्द ही गौशालाएं स्थापित कराकर उनकी परेशानी को दूर करने का आश्वासन दिया। प्रदीप निरंजन, रामशंकर, अवध द्विवेदी, मनोज कुमार निरंजन, अनुज, राजकमल वर्मा, गौरी शंकर, छोटे लाल, चंदू, बल बहादुर निरंजन, परमात्मा वर्मा, संजीव, विवेक, मुकेश, प्रदीप, राजू, हरिओम, मेहरबान, जयकरन, मुन्ना, सीताराम आदि इस प्रदर्शन में शामिल थे।






Leave a comment