03orai03विभिन्न संगठनों ने मनाया मां सावित्री बाई फुले का जन्मदिवस
उरई। देश की प्रथम महिला शिक्षिका राष्ट्रीय माता सावित्री बाई फुले के 185 वीं जयंती पर आज जगह-जगह गोष्ठियों का आयोजन कर उनके त्याग एवं बलिदान को याद किया गया। एससी/एसटी बेसिक टीचसज़् बेलफेयर एसोसियेशन जनपद जालौन वीरांगना झलकारी बाई सेवा संस्थान उरई एवं युवा सम्राट अशोक सेना ने अलग-अलग कायज़्क्रमों का आयोजन कर शिक्षिक की क्रांति ज्योति सावित्री बाई फुले के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया है।
एससी/एसटी बेसिक टीचसज़् बेलफेयर एसोसियेशन जनपद जालौन के तत्ववाधान में कल्याणकारी पंचशील बुद्ध बिहार में दलित पिछड़ों में शिक्षा की अलक जगाने वाली क्रांति ज्योति सावित्री बाई फुले का जन्म दिवस शिक्षक दिवस के रूप में मनाया। संगठन के जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह शास्त्री की अध्यक्षता में आयोजित कायज़्क्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूवज़्मंत्री चैनसुख भारती मौजूद रहे जबकि संचालन बीरेन्द्र दोहरे ने किया। पूवज़्मंत्री चैनसुख भारती ने सावित्री बाई फुले को आधुनिक भारत की मां सरस्वती देवी बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने पति के सहयोग से दलित पिछड़ो व महिलाओं की शिक्षा दीक्षा के लिए जो कायज़् किया उसे भुलाया नही जा सकता है। अध्यक्षत कर रहे सुंदर सिंह शास्त्री ने कहा कि उन्होंने बहुजन समाज को शिक्षा के दरवाजे खोलकर क्रांतिकारी कदम उठाया। बसपा जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र शिरोमणि ने कहा कि सावित्री बाई फुले ने नारी शिक्षा को बढावा देकर समाज में व्याप्त कुरीतियों को उखाड़ फैकने का काम किया। इस अवसर पर डा. वीडी पराग, डीपी वमाज़्, रामरतन प्रजापति, मीनू गौतम, कल्पना बौ सत्यशील बौद्ध, नीलमा बौद्ध, प्रमोद गौतम, अजय दोहरे, उमाशंकर भास्कर, रमाकांत वमाज़्, आदि ने भी विचार रखे। जबकि भंते धम्मदूत नागपुर, भंते शिखानंद, भंते ध्यानपाल ने बुद्ध वंदना त्रिषरण पाठ किया। कायज़्क्रम कें जितेन्द्र दोहरे, हरराज, दुगाज़् प्रसाद, अशोक कुमार, रामकुमार, महेन्द्र पाल, देवेन्द्र कुमार, संतकुमार, रविन्द्र कुमार, अखिलेश कुमार, नंदकुमार, बाबूराम बौद्ध आदि उपस्थित रहे।
युवा सम्राट अशोक सेना द्वारा खराज़् हाउस उरई के कॉमनहॉल में मां सावित्री बाई फुले का जन्म दिवस मनाया गया जिसकी अध्यक्षता गुरूदयाल कुशवाहा तथा संचालन सुंदर कुशवाहा ने किया। कायज़्क्रम का शुभारंभ लाखन सिंह कुशवाहा पूवज़् जिला पंचायत अध्यक्ष ने मां सावित्री फुले के चित्र पर पुष्प अपिज़्त कर किया। इस अवसर पर रामेश्वर दयाल कुशवाहा, कृष्णकुमार पूवज़् प्रधान जख, एलआर कुशवाहा, घासीराम, बीरेन्द्र खराज़्, रणधीर सिंह, श्रेष्ठ कुशवाहा, महेश कुशवाहा, प्रधान बरहा, विवेक कुशवाहा, जितेन्द्र, देवेन्द्र, बादाम सिंह, बीरेन्द्र, नीरज, कैथवा, केशव सिंह, श्याम लुहारी, सुंदर बरहा, प्रबल प्रताप राजेश सैनी, मदन कुशवाहा बरियापुर, अवधेश चंदन, विनय सुनील आदि मौजूद रहे। उधर वीरागना झलकारी बाई सेवा संस्थान द्वारा भग्गूलाल बाल्मीकि की अध्यक्षता में मनाया गया। जिसमें सूध्र समाज के बीच शिक्षा की अलक जगाने वाली मां सावित्री बाई फुले के योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर चंदन वमाज़्, भग्गूलाल बाल्मीकि, संतोषी देवी, रजनी वमाज़्, अंजना वमाज़्, भगवान स्वरूप वमाज़्, प्रेमनारायन वमाज़्, हरिशंकर वमाज़् ने विचार रखे। संचालन डालचंद्र वमाज़् ने किया।

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