जालौन-उरई। भये प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी के साथ आज रामलीला महोत्सव 2016 में रामजन्म की लीला का मंचन किया गया। जिसमें राम तथा कौशल्या संवाद विशेष सराहनीय रहा। हास्य कलाकार बाबू बेधढक ने अपनी हास्य कला दिखाकर दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
तहसील क्षेत्र के ग्राम उरगांव में स्थित कलकलिया मठ मंदिर परिसर में रामलीला महोत्सव 2016 में आज रामजन्म की लीला का मंचन किया गया। मंचन के प्रथम दृश्य में राजा दशरथ को ग्लानि उत्पन्न हुई कि उनके चौथेपन में आ जाने के बाद भी कोई संतान नहीं हुई। ऐसे में उनका वंश आगे कैसे बढ़ेगा। उन्होंने गुरू वशिष्ठ से अपने मन की व्यथा को कहा। तब गुरू की आज्ञानुसार राजा दशरथ ने पुत्र-यज्ञ करवाया। जिसमें अग्निदेव ने हवन कुंड से प्रकट होकर उन्हें प्रसाद दिया। जिसे राजा ने कौशल्या तथा कैकई को आधा-आधा बांट दिया। कौशल्या और कैकई ने अपने-अपने भाग से आधा-आधा प्रसाद सुमित्रा को दे दिया। जिससे राजा दशरथ को चार पुत्रों की प्राप्ति हुई। तदुपरांत नामकरण संस्कार के दौरान गुरू ने उनके नाम क्रमश: राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न रखे। जब प्रभु राम का प्राकट्य हुआ तो उनके अद्भुत रूप को देखकर कौशल्या अचंभित हो गईं। उन्होंने प्रभु से विनय की कि इस रूप में दुनिया वाले अगर आप को देखेंगे तो मुझे तरह-तरह के ताने सुनने पडेंग़े। राम और कौशल्या के इस संवाद को सुनकर दशज़्क भाव विभोर हो गए। दशज़्कों ने इस दृश्य की जमकर सराहना की। इसी दृश्य में कौशल्या द्वारा चतुभुज़्ज रूपी भगवान् विष्णु से विनय की गई। जिसमें शिशुघर बनो ललना, खेलो प्रभू पलना के सुंदर भजन की प्रस्तुति की गई। जिसे सुनकर उपस्थित दशज़्क मंत्र-मुग्ध हो गए। राम के सुंदर अभिनय में काजू तिवारी तथा कौशल्या के रूप में महावीर लहार ने अपनी वाणी तथा अभिनय कला से लोगों को भाव विभोर कर दिया। दशरथ की सुंदर भूमिका में प्रयाग गुरू राजा रहे। वही नृत्यकार के रूप में रानी मुखजीज़् व लक्ष्मीरानी लखनऊ ने मंचन के दौरान अपनी कला विखेरी। उक्त लीला का मंचन प्रयाग गुरू के निर्देशन में चल रहा है।







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