छात्रा के साथ साइबर ठगी, झांसा देकर हजारों रुपये बैंक खाते में जमा कराये

उरई। साइबर ठगी का एक मामला प्रकाश में आया है। विकलांग की पुत्री से लकी ड्रा और नौकरी का झांसा देकर हजारों रुपये खाते में जमा करा लिये गये। जब उसे अपने साथ ठगी का अहसास हुआ तो आज पुलिस कार्यालय में आकर उसने एसपी से इस धोखाधड़ी की शिकायत की।
ग्राम पहाडग़ांव निवासी परशुराम याज्ञिक की पुत्री उर्मिला इंटर की छात्रा है। परशुराम पूरी तरह विकलांग है। जिसकी वजह से पूरा परिवार आर्थिक संकट झेल रहा है। बावजूद इसके किसी निर्दयी ने उन्हें ठगी का निशाना बनाने के लिये जाल फैलाया। बकौल उर्मिला इसके तहत दिसम्बर के पहले सप्ताह में उसके पास किसी नेहा श्रीवास्तव की लखनऊ से काल आयी। जिसमें उसने कहा कि 3 लाख 15 हजार रुपये का लकी ड्रा खुल गया है। पूरी बात जानने के लिये मेरे इस नम्बर पर 100 रुपये का ई टाप करा दो।
उर्मिला झांसे में आ गयी। उसने उस नम्बर पर ई टाप करा दिया तो अगले दिन किसी अजय मिश्रा का फोन आ गया। जिसने कहा कि मनीष वर्मा उसकी कंपनी के अधिकारी हैं जिनके खाते में पहले तुम्हें 16 हजार रुपये डलवाने होंगे। इसके बाद तुम्हारे खाते में लकी ड्रा का पैसा पहुंचेगा। उर्मिला ने उसकी बात पर विश्वास करके उसके द्वारा बताये गये मनीष वर्मा के खाते में उक्त रकम डाल दी। अगले दिन फिर फोन आया कि 24500 रुपये और दूसरे खाते में जमा करने होंगे। इसके साथ ही उसने दूसरे खाते का नम्बर बोल दिया। भोलीभाली उर्मिला ने पिता से रकम लेकर उक्त खाते में भी जमा कर दिये।
इसके बाद अजय मिश्रा ने कुछ दिनों उसे नौकरी का झांसा देकर बहलाया लेकिन जब न ड्रा की रकम आती दिखी और न ही नौकरी की कोई गुंजाइश नजर आयी तो आज उर्मिला उक्त खातों में जमा करायी गयी रकम की बैंक स्लिपें लेकर एसपी से मिलीं। पुलिस अधीक्षक एन कोलांची ने मामले की जांच के लिये कोतवाली पुलिस को निर्देशित कर दिया है।

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