उरई। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह जाम की स्थिति दिन में चहल-पहल शुरू होते ही पैदा हो जाती है। कुछ दिनो पहले जिलाधिकारी ने एडीएम को नगर पालिका और पुलिस के साथ बैठक करके समस्या के निदान के लिए निर्देशित किया था। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई सार्थक कदम नही उठाया जा सका है।
शहर में परिवहन विभाग ने अंधाधुध टैम्पों परमिट जारी किये हैं। जबसे सड़कों पर टैम्पों की भरमार हुई है तभी से यातायात व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। उधर हर महीने शहर में वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। जिसके कारण समस्या में और इजाफा हो जाता है। पूर्व पुलिस अधीक्षक सुनील सक्सेना के कार्यकाल में यातायात को व्यवस्थित करने के लिए कुछ ठोस कदम उठाये गये थे जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली थी। लेकिन पंचायत चुनाव के समय यातायात पुलिस को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया। जिससे एक बार फिर शहर की सड़कों पर वाहनों के घमासान के हालत पैदा हो गये।
लोगों से इसकी जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने यातायात की समस्या को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेकर एडीएम को फिर से नगर पालिका और पुलिस को बैठाकर यातायात की कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित किया था। लेकिन अन्य व्यस्तताओं की वजह से इस दिशा में अभी तक प्रयास नही हो पाया है। जिला जजी के सामने, डीवी काॅलेज चैराहा, घंटाघर चैराहा जिला परिषद चैराहा यातायात की दृष्टि से सबसे ज्यादा व्यस्ततम क्षेत्र बन चुके हैं। कई बार तो इन बिंदुओं पर घंटे भर से ज्यादा जाम की स्थिति बनी रहती है। परेशान हाल शहरियों में इसकी वजह से खदबदाता असंतोष विस्फोटक रूप लेने लगा है। लगता है कि जब तक जनता सड़कों पर नही उतरेंगी तब तक प्रशासन जाम की समस्या के हल के लिए सही तरीके से चेतनें की कोशिश नही करेगा।






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