उरई। सहकारिता ही एक ऐसा माध्यम है जिससे जुड़कर युवा और किसान आर्थिक रूप से समृद्धशाली बन सकते हैं। उपरोक्त विचार सहकार भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री विजय देवागंन ने रामनगर उरई में संघ कार्यालय के सभागार में सहकार भारती के जिला पदाधिकारियों की बैठक में मुख्य अतिथि के द्वारा व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में सहकारिता से स्वावलंबी अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। सहकारी संस्थाओं के निर्माण से प्रत्येक परिवार की आय में वृद्धि होगी। सहकार भारती के कानपुर प्रान्त के अध्यक्ष के.के. राव ने जनपद जालौन में सदस्यता अभियान के लिए राकेश तिवारी को जिला प्रमुख की घोषण की। प्रदेश महामंत्री गजेंद्र सिंह ने जिले के पदाधिकारी सहकार भारती के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि आज देष में 70,12,315 सदस्य हैं जो विभिन्न सहकारी संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। सहकार भारती में 27 प्रकोष्ठ हैं। बुंदेलखंड में सहकार भारती का आगामी माह में सम्मेलन किया जायेगा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे रेशम सहकारी समिति जालौन के प्रमुख रामप्रकाश दौदेरिया ने कहा कि सहकारिता आर्थिक विकास की रीढ़ है। इससे प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक विकास से जोड़ा जा सकता है।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री के प्रथम बार जनपद आगमन पर सहकार भारती के प्रांतीय सदस्य सुरजीत सिंह राठौर जिलाध्यक्ष, अखिलेश तिवारी, हरेंद्र विक्रम सिंह, भारत विकास परिषद के अजय महतेले, अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. महेश पांडेय, लोक भारती के राममोहन चतुर्वेदी ने विजय देवागंन का स्वागत किया। बैठक में सुनील राठौर कुशलपाल सिंह, डाॅ. श्री प्रकाश अग्रवाल, रविंद्र सिंह परमार, लक्ष्मी प्रसाद राजपूत, कुलदीप सिंह गौर, आशीष गुप्ता, प्रिंस राजपूत, सिद्धार्थ सिंह राजावत, सुमित प्रताप सिंह, विनियन द्विवेदी, राजेंद्र सिंह, कुंदन सिंह राठौर आदि सहकार भारती के सदस्य उपस्थित थे। बैठक का संचालन सहकार भारतीय के प्रदेश मंत्री डाॅ. प्रवीण सिंह ने किया।






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