06orai01उरई। दयानंद वैदिक काॅलेज, उरई के छात्र नेता अभिषेक पाठक (हैप्पी इमिलिया) के नेतृत्व मेें करीब आधा सैकड़ा छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर में शुद्ध पानी की उपलब्धता के संदर्भ में सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम् से जिला प्रशासन को सूचित किया गया कि दयानंद वैदिक काॅलेज जिले का सबसे बड़ा डिग्री काॅलेज है। वर्तमान में इस काॅलेज में लगभग तीन हजार छात्र-छात्राऐं अध्ययनरत है। परंतु यहां व्यवस्थाओं के नाम पर हमेशा से छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार होता रहा है। जैसा कि सर्वविदित है कि भूगर्भ से निकला जल पूर्णतयः शुद्ध नही होता और आजकल होने वाली बीमारियों में से 50 प्रतिशत बीमारियां दूषित जल को पीने से हो रही हैं। मौजूदा परिस्थिति में महाविद्यालय परिसर के अंदर उपलब्ध जल शुद्धता के मानकों के अनुरूप नही है। परिणामस्वरूप दूषित जल पीने से छात्र/छात्रायें कई जानलेवा बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिससे छात्र/छात्राओं का स्वास्थ्य एवं अध्ययन कार्य प्रभावित हो रहा है। इस बाबत हमने कई बार काॅलेज के प्राचार्य जी को सूचित किया एवं उनसे सहानुभूतिपूर्ण प्रतिक्रिया करने की प्रार्थना भी की किंतु काॅलेज प्रशासन एवं प्रबंध तंत्र के कान में जूं तक न रेंगी और आज भी काॅलेज परिसर में छात्र-छात्रायें दूषित जल पीने को मजबूर हैं।
ज्ञापन के उपरान्त सभी छात्र-छात्राओं ने यह निर्णय लिया कि जिलाधिकारी जी के हस्ताक्षेप के उपरान्त अगर काॅलेज प्रशासन एवं प्रबंध तंत्र 10 दिन के अंदर आरओ प्लांट काॅलेज परिसर में नही लगवाता तो सभी छात्र अपना आंदोलन शुरू कर देंगे और ये आंदोलन आरओ प्लांट के लगने तक चलता रहेगा। उसके लिए हमें सड़कों पर भी आंदोलन चलाने से कोई नही रोक पायेगा। मुददा छात्रों के स्वास्थ्य से संबंधित होने के कारण छात्र आरपार की लड़ाई लड़ने को पूरी तरह तैयार हैं। इस मौके पर उमाकांत धुरिया, शिवम तिवारी, विपुल, दीपक यादव, योगेश पाल, सुमित सिंह, आरजू, प्रिंसी, आकांक्षा, साक्षी, अमन, सुमित तिवारी आदि छात्र-छात्रायें मौजूद रहे।

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