रामपुरा-उरई। विद्युत बिलों का वितरण न किये जाने से उपभोक्ता परेशान हैं जबकि विभाग अपनी कमियों को दूर करने की बजाय बकायेदारी की आड़ में उपभोक्ताओं का शोषण उत्पीड़न करने में जुटा है।
एक ओर बिजली विभाग लगातार दरें बढ़ाकर वसूली के लिए अंधाधुंध अभियान चला रहा है। दूसरी ओर अपनी जिम्मेदारियों से भी पल्ला झाड़ रहा है। जिससे आउट सोर्सिंग की पृथा विभाग में हावी होती जा रही है। उपभोक्ताओं के बिलों का वितरण भी आउट सोर्सिंग कराकर किया जा रहा है। लेकिन विभागीय अभियंता ठेकेदार से कमीशन लेकर उसे सारी जिम्मेदारी से फ्री कर देते हैं। इसका एक नमूना यहां देखने को मिला जब घर-घर जाकर बाटे जाने वाले बिल थोक में एक दुकान पर रखे मिले।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिल न मिलने की वजह से वे लोग विद्युत शुल्क की समय पर अदायगी नही कर पाते। इसके बाद जब एक मुश्त भारी बकायेदारी जब उन पर चढ़ जाती है तो बिजली विभाग अभियान के नाम पर तत्काल पूरा बिल जमा कराने की चडडी गांठ देता है। विभाग की टीम निर्दोष उपभोक्ता को उसके दरवाजे पर जलील भी करता है और कनेक्शन भी काट देता है।
उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री से उनकी इस पीड़ा को संज्ञान में लेकर बिजली विभाग का रवैया दुरुस्त कराने और बिल वितरण के स्थानीय ठेकेदार को ब्लैक लिस्टिड करने की मांग की।






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