कालपी-उरई। लाला हरदौल के चबूतरे को क्षतिग्रस्त करने के मामले में आज यहां का पूरा बाजार बंद रहा। शहर में चप्पे-चप्पे पर चैकसी के लिए पुलिस की तैनाती थी। जिले के डीएम और पुलिस कप्तान भी कस्बे में दिन भर डेरा डाले रहे। उधर बाजार बंदी में मुस्लिम दुकानदारों की भी भागीदारी से साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने का मंसूबा पाले विघ्न संतोषियों को मुंह की खानी पड़ी।
बुधवार को मोहल्ला अदल सराय में बसीम इकबाल अपनी जमीन समतल करा रहे थे। इस दौरान बगल में स्थित हरदौल का चबूतरा भी क्षतिग्रस्त हो गया जिससे लोगों में उबाल आ गया। व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुन्ना चैधरी के नेतृत्व में काफी बड़ा हुजूम पुलिस व प्रशासन के पास पहुंच गया। इसी बीच बसीम इकबाल ने समझौते की पेशकश की और क्षतिग्रस्त चबूतरे की मरम्मत का आश्वासन दिया। जिससे मसला सुलझ गया था लेकिन कुछ लोगों ने इस पर पानी फेर दिया जिससे फिर उत्तेजना पैदा हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना पड़ा। बावजूद इसके पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नही कर पाई जिससे आज बाजार बंदी की घोषणा कर दी गई।
उधर मामले की नजाकत को समझते हुए जिले के शीर्ष प्रशासन ने इसे पूरी गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी रामगणेश व पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने खुद जाकर कालपी कोतवाली में डेरा जमा दिया। अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार, उपजिलाधिकारी गोरेलाल शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद, सीओ और इंस्पैक्टर कालपी विभिन्न वर्गों से संपर्क कर तनाव को निर्मूल करने में जुटे रहे। उधर बलखंडी देवी के महंत की अध्यक्षता में आक्रोशित आस्थावानों की बैठक हुई जिसमें प्रशासन को अल्टीमेटम दिया गया कि नामजद आरोपी गिरफ्तार न होने पर रविवार को कस्बे में शांति मार्च निकाला जायेगा और तहसील पर धरना शुरू कर दिया जायेगा। इसके बाद अधिकारियों की एक टोली महंत से भी बात करने पहुंची। अधिकारियों और महंत में अकेले में वार्ता हुई जिसका ब्यौरा तो नही मिल सका लेकिन उनसे मिलकर लौटे अधिकारियों के चेहरे पर राहत के भाव नजर आने से लगा कि उनकी कोशिशों का परिणाम सकारात्मक रहा है।






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