0 सनसनी खेज घटना से प्रशासन सकते में
उरई। जिला जेल से चादरों की रस्सी बनाकर चार दुर्दां
त बंदी उसके सहारे जेल फांद गये। सुबह गिनती के समय जब इनकी फरारी का खुलासा हुआ तो जेल में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गये। अभी तक फरार बंदियों का पता नही चल पाया है हालांकि पुलिस ने उनके परिजनों को हिरासत में ले लिया है।
फरार बंदियों में ग्राम गढ़र निवासी बृजमोहन उर्फ कुल्लू (29वर्ष) व ध्यान चंद्र उर्फ ध्यानू (23वर्ष) निवासी मड़ोरा शामिल हैं। इन दोनों को कुछ समय पहले कोंच थाना क्षेत्र के पनयारा में रात में एक दंपत्ति पर हमला बोलकर पति की हत्या कर देने और महिला के साथ गैंग रेप का मुकदमा कायम था। जसवंत (23वर्ष) निवासी भुगनापुर थाना दिबियापुर जिला औरेया व मुन्ना उर्फ सुरेश (45वर्ष) निवासी थाना समथर जिला झांसी भी इनके साथ फरार हुए हैं। जसवंत पर अपहरण का एक मुकदमा चल रहा था। मुन्ना उर्फ सुरेश सजा याफता है जिस पर विभिन्न धाराओं में कुल 21 वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना बोला जा चुका है।
जेल अधिकारियों द्वारा घटना की जानकारी दी जाते ही शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सकते में आ गये। पहले अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद ने जेल के अंदर और बाहर सूक्ष्म निरीक्षण किया। पीछे की ओर जेल की दीवारों में एक सुराख मिला इसके अलावा शौचालय की एक खिड़की भी टूटी हुई थी। जेल से फरार होने की योजना कितने दिन पहले से बनाई जा रही थी। इसमें जेल स्टाॅफ और बाहरी लोगों ने तो कोई सहायता नही की। निकले कैदी किसी तरह से फरार हुए क्या उनके लिए पहले से ही वाहनों की व्यवस्था थी। ऐसे अनेक सवाल हैं जिनका उत्तर तलाशने के लिए अधिकारी सूक्ष्म पड़ताल कर रहे हैं। खबर है कि जेल प्रशासन के आईजी और डीआईजी भी घटना का जायजा लेने के लिए यहां आ सकते हैं। निरीक्षण के लिए पहुंचे जिलाधिकारी रामगणेश और पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने कहा कि अगर जेल प्रशासन की लापरवाही से बंदियों को भागने का मौका मिला है तो जांच में जिसकी जिम्मेदारी तय होगी उनके खिलाफ कठोर कदम उठाये जायेंगे। हालांकि तीन बंदी रक्षकों के खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।






Leave a comment