cropped-12065564_1515048802143994_20145587447710710_n.jpgउरई। दलितों की जमीन पर कब्जा करने वालो का साहस मौजूदा शासन प्रशासन की ढिलाई की वजह से बुलंदी पर है। शहर के समीपवर्ती ग्राम राहिया निवासी टुन्टाई भी ऐसे ही भुक्त भोगियों में शामिल हैं। राहिया फोरलेन के किनारे का गांव है जिसकी वजह से यहां इंच-इंच जमीन की करोड़ों की कीमत हो गई है। नतीजतन पुस्तैनी तौर पर रह रहे गांव के उन कमजोर वर्ग के वांशिदों की शामत आ गई है जिनके पास जमीन के नाम पर एक कूड़ भी है। टुन्टाई भी इसी कारण मुसीबत में घिर गये हैं। आज जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर उन्होंने उनकी जमीन पर गिद्ध दृष्टि जमा चुके कलेक्ट्रेट के ही कुछ लोगों की बदनियती से उन्हें बचाने की गुहार जिलाधिकारी के सामने लगाई।

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