तीन फरार बंदी दबोचे गये, चौथे बंदी की गिरफ्तारी के लिये पांच हजार का इनाम घोषित
उरई। जिला जेल से चार बंदियों के फरार होने के मामले में लापरवाही का दोषी करार देते हुए मौके पर जांच के लिये रविवार को आये अपर पुलिस महानिदेशक जेल देवेन्द्र सिंह चौहान ने जेलर उदय प्रताप सिंह और डिप्टी जेलर आफताब अंसारी को निलंबित कर दिया है। इस बीच फरार हुए बंदियों में तीन को पुलिस गिरफ्तार करने में सफल हो गयी है जबकि चौथे सजायाफ्ता बंदी की गिरफ्तारी के लिये पांच हजार रुपये के इनाम का ऐलान कर दिया गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक जेल देवेन्द्र सिंह चौहान ने जेल परिसर का बारीकी से मुआयना किया। उनका कहना था कि चार बंदियों का भागना एक दिन की योजना का नतीजा नहीं हो सकता। यह योजना कई दिनों की तैयारी के बाद अंजाम दी गयी लेकिन जेल के अधिकारी इसकी भनक नहीं पा सके जिससे उनकी हद दर्जे की गैर जिम्मेदारी का पता चलता है। उन्होंने कहा कि जेल के शौचालय की खिड़की की सलाखें काटने का काम चार से पांच घंटे में हो पाया होगा लेकिन रात में बैरकों की गश्त न होने से इसका पता नहीं चला। इसी कारण उक्त जेल अधिकारियों को फौरी कार्रवाई में निलंबित कर दिया गया है और विस्तृत जांच के आदेश दे दिये गये हैं।
तनहाई बैरक बनेगी
जिला जेल में अभी तक कोई तनहाई बैरक नहीं है। उन्होंने कहा कि खतरनाक और जेल से भागने वाले कैदियों को अलग रखने के लिये अब यहां भी तनहाई बैरक बनवायी जायेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि दोबारा पकड़े गये फरार कैदियों को अब स्थानीय जेल में न रखकर दूसरे जिले की जेल में शिफ्ट करने के निर्देश दिये गये हैं।
तीन फरार बंदी पकड़े
उधर पुलिस अधीक्षक एन कोलांची ने बताया कि फरार हुए बंदियों में बृजमोहन उर्फ कल्लू निवासी गढऱ व ध्यानचन्द्र उर्फ ध्यानू निवासी मिनौरा को कुकरगांव के पास खजुरी रोड पर स्वाट टीम ने दबोच लिया था जबकि तीसरा विचाराधीन बंदी जसवंत औरैया जिले में दिबियापुर पुलिस ने हरिरायपुर गांव में पकड़ लिया है। चौथे सजायाफ्ता कैदी झांसी निवासी मुन्ना को पकडऩे के लिये पुलिस लगातार छापामारी कर रही है। उसकी सूचना देने वाले को पांच हजार रुपये के इनाम का ऐलान भी कर दिया गया है।






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