उरई। कालपी में साम्प्रदायिक तनाव को भड़कने से रोकने के लिये सजगता न दिखा पाने की वजह से प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह पर एसपी ने गाज गिरा दी है। उन्हें सजा बतौर महत्वहीन कोटरा थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है जबकि उनके स्थान पर उरई कोतवाली से अपनी गेंड़ाशैली के कारण हटाये गये दयाशंकर सिंह को कालपी में नई तैनाती दे दी गयी है। अब देखना है कि गुमसुम दयाशंकर सिंह कालपी में किस तरह जांबाजी दिखा पाते हैं। गौरतलब है कि कोटरा थाने को निरीक्षकों के लिये भले ही जलावतन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा हो लेकिन इससे केवल स्टेटस सिम्बल गिरता है जबकि मौरंग का थाना होने की वजह से मलाई मारने में यह थाना प्रमुख कोतवालियों पर भारी साबित होता है। कोई न माने तो दयाशंकर सिंह से पूछ कर देख ले जिनका आयतन सदर कोतवाली से हटकर उक्त थाने में पहुंचने के बाद लगभग डेढ़ गुना बढ़ गया है। साथ ही बिना फेयर एण्ड लवली के चेहरे की लालिमा भी जवानों को मात करने वाली हो गयी है।







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