उरई। जेल से फरार बंदियों ने पकड़े जाने के बाद पुलिस कप्तान के सामने जेल के अन्दर की गतिविधियों को लेकर सनसनीखेज खुलासे किये। उन्होंने कहा कि जेल में अफीम, चरस, कट्टे, तमंचे जो चाहो उपलब्ध हो जाता है बस आपकी गांठ में पैसे हों।
जेल के अन्दर कुछ भी ठीक नहीं है। जिले के वरिष्ठ अधिकारी हर महीने जेल के अन्दर निरीक्षण करते हैं लेकिन इसमें केवल खानापूर्ति होती है। अगर बंदी फरार न हुए होते तो जेल के अन्दर की सच्चाइयां लोगों के सामने भी नहीं आ पातीं जबकि गड़बडिय़ां इतनी भयानक हैं कि बंदियों के फरार होने से कहीं बहुत विस्फोटक अनहोनी भी घटित हो सकती है।
बृजमोहन उर्फ कल्लू ने बताया कि जेल में लम्बरदारों का राज है और जेलर, डिप्टी जेलर सभी के काम उन्हीं के भरोसे चलते हैं। वे लोग ज्यादती की इंतहा करते हैं। प्राइवेट कैन्टीन चलवाते हैं। जिसमें नशा पत्ती से लेकर असलहे तक सब कुछ मिलता है। जिले के अधिकारी जब निरीक्षण करने आते हैं तो सामान शौचालयों में छिपा दिया जाता है। उसने बताया कि उसके सामने जब डीएम, एसपी आये तो उसे बैरक नंबर तीन में धकेल दिया गया। अधिकारी जेल प्रशासन द्वारा गुमराह किये जाने से उस बैरक तक नहीं पहुंच सके। कल्लू की आपबीती सुन रहे पुलिस अधीक्षक एन कोलांची ने भी स्वीकार किया कि पिछले निरीक्षण में वह बैरक नंबर तीन की ओर नहीं जा पाये थे।
कल्लू ने बताया कि अगर उसे उरई जेल में रखा गया तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। उसने कहा कि पनयारा की जिस घटना में वह बंद था उससे सम्बन्धित वादी पक्ष ने जेल के अन्दर तेजा और मन्टोले को उसे मार डालने की सुुपारी दे रखी है। उसने कहा कि जेल में उसी की नहीं कई लोगों की हत्या की सुपारी लम्बरदारों ने ले रखी है। बाद में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बंदी जो बता रहे हैं उस पर वे एडीजी जेल को रिपोर्ट भेजेंगे।






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