उरई। रविवार को शहर मे हुई साम्प्रदायिक अशांति को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने बजरंग दल के जिला संयोजक सहित तीन लोगों को नामजद करते हुए लगभग डेढ़ सौ लोगों के खिलाफ वर्ग विद्वेष भड़काने और बलवा करने की संगीन धाराओं का मुकदमा कायम कर लिया है। जिसके बाद बजरंग दल के पदाधिकारी भूमिगत हो गये हैं।
कालपी में लाला हरदौल के चबूतरे को क्षतिग्रस्त करने के मामले से लेकर इसके पूर्व साम्प्रदायिक तनाव का आभास देने वाले प्रसंगों के लगातार चल रहे सिलसिले में प्रशासन की पंचायती भूमिका प्रोत्साहन का काम कर रही थी। जिससे प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। इसी बीच कल के घटनाक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं के फीडबैक पर स्थानीय प्रशासन को शासन के स्तर से जब झड़प मिली तब कहीं जाकर पुलिस चेती।
सूत्रों के अनुसार अमन पुत्र जिया मुहम्मद और अपना सगीर आदि 10 लोगों की संयुक्त तहरीर पर कल के घटनाक्रम के मामले में अखिलेश डीहा, कुलदीप गौर सोनू और पुष्पेंद्र को नामजद करते हुए सौ-डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147 और 153 ए का मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया गया है। जिससे सारे शहर में खलबली मच गई है। पुलिस अधीक्षक एन.कोलांची ने कहा कि संवेदनशील मुददों को लेकर जाम लगाने और सड़कों पर उतरने की कार्रवाई को अब बर्दास्त नही किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर चिन्हित नेताओं के खिलाफ रासुका की कार्रवाई भी की जा सकती है। उधर प्रशासन के बदले तेवरों से बजरंग दल सहित हिंदू संगठन सकते मे है।






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