15orai09कोंच-उरई। ब्राह्मण महासभा परिसर में जारी धार्मिक कार्यक्रमों के बीच जारी श्रीमद्भागवत कथा के दौरान विद्वान भागवत प्रवक्ता पं. नवनीत मिश्र शास्त्री ने कहा कि अपमान उसी का होता है जिसे सम्मान की भूख होती है। उन्होंने कहा कि शिव देवों के देव महादेव हैं और उनकी निंदा करने बाले को कभी मुक्ति नहीं मिलती है। आज की कथा में उन्होंने भगवान कृष्ण की लीलाओं और महारास का बड़ा ही सुंदर वर्णन कर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया।
कथा प्रवाह को आगे ले जाते हुये उन्होंने कहा कि दक्ष प्रजापति के यहां आयोजित यज्ञ सभा में सभी देवता गये, वहां दक्ष ने कहा कि किसी भी यज्ञ में दूसरे देवों के साथ शिव को आहुति नहीं दी जायेगी। सभा में विराजमान नंदी को यह बात अनुचित लगी और क्रोधावेग में उन्होंने दक्ष को तीन श्राप दे दिये, जिस मुख से शिव निंदा की है वह सिर ही नहीं रहेगा, तेरे सिर के स्थान पर बकरे का सिर लगाया जायेगा और ब्रह्मण विद्या कभी नहीं प्राप्त होगी क्योंकि शिवजी की निंदा करने बाले को कभी मुक्ति नहीं मिलती है। उन्होंने कहा कि शिव तत्व को छोडने बाली बुद्धि को संसार में भटकना पड़ता है, वह हमेशा दुख को प्राप्त करता है और उसे कभी शांति नहीं मिलती है। शिव निंदा करने वाला कभी काम का नाश नहीं कर सकता। शिवजी नंदी महाराज से कहते हैं कि वह क्यों श्राप देता है तो नंदी महाराज कहते हैं कि दक्ष ने शिव का अपमान किया है। यह सुन कर शिव नंदी को अपने पास बुला कर समझाते हैं, एक बात हमेशा याद रखो कि अपमान उसका होता है जिसे सम्मान की भूख रहती है। इतना कह कर वे तुरंत कैलाश चले जाते हैं। शिव ने अपने मन में कुछ नहीं रखा, सती से भी कुछ नहीं कहा।
आज की कथा में कथा व्यास ने भगवान वासुदेव कृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। भगवान द्वारा गोपियों के साथ रचाये गये महारास का वर्णन करते हुये कहते हैं कि कृष्ण और गोपियों के बीच अटूट प्रेम है और कृष्ण के प्रेम में गोपियों को अपने तन मन की भी सुधि भी नहीं रहती है। कंस द्वारा भेजे गये राक्षसों अघासुर, वकासुर, तृणावर्त, पूतना आदि के उद्धार की भी कथायें उन्होंने बहुत ही रोचक ढंग से सुनाईं। कथा परीक्षित विमला देवी हिंगवासिया ने भागवतजी की आरती उतारी। इस दौरान ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष देवीदयाल रावत, महामंत्री अनुरूद्ध मिश्रा, लल्लूराम मिश्रा, अखिलेश बबेले, राजेन्द्रमोहन अवस्थी, सतीश हिंगवासिया, सर्वाचरण वाजपेयी, राहुल तिवारी, आनंद दुवे, राजेन्द्र भारद्वाज, सतीश रिछारिया, दिनेश दुवे, संजय रावत आदि मौजूद रहे।

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