उरई। मकर संक्राति से शुरू हुई सर्दी का कहर शनिवार को भी जारी रहा। सर्द हवाओं के साथ गलन भरी ठंड रही जिससे लोग देर तक रजाइयों में दुबके रहे। बाजार सहित कई स्थानों पर गरीब अलाव के सहारे सर्दी को दूर करने का प्रयास करते रहे। अधिक ठंड होने की वजह से सुबह सड़कों पर यातायात कम रहा। दोपहिया वाहनों पर चलने की लोग हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। ठंड की वजह से पशुओं का भी हाल बेहाल रहा। जहां भी अलाव जलते दिखाई दिए, पशु उसके आस पास खड़े होकर सर्दी दूर करने का प्रयास कर रहे थ दोपहर बाद तक धूप निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
इस बार जनवरी का महीना आधा निकल जाने के बाद भी सर्दी ने अपना असली रूप नहीं दिखाया, लेकिन शुक्रवार को मकर संक्रांति पर मौसम में अचानक परिर्वन होने के कारण सर्दी बढ़ गयी। शनिवार को सर्दी ने और अधिक विकरालता धारण कर ली। शनिवार को अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। सर्द हवाओं के साथ गलन भरी ठंड रही जिससे लोग रजाई से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। लोग देर से घरों से निकले। लोगों ने सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े तो पहने ही, हवाओं से बचाव के लिए मफलर, टोपी लेना नहीं भूले। सर्दी के चलते बाजार सहित कई स्थानों पर अलाव लगाये गये। दुकानदारों ने आपसी सहयोग से लकड़ियां खरीदकर आग जलाई। सर्दी के चलते सुबह कम संख्या में वाहन सड़कों पर दिखाई दिये। हालत यह थी कि लोग दो पहिया वाहनों से चलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। पशुओं का भी बुरा हाल रहा। पशु इधर उधर कोने में दुबके दिखाई दिये। अलाव के आस पास भी पशु गर्मी लेने का प्रयास कर रहे थे। सुबह से दोपहर बाद तक धूप के दर्शन न होने से लोगों को दिक्कत हुई।






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