cropped-12065564_1515048802143994_20145587447710710_n.jpgउरई। सूखे की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी रामगणेश ने भले ही अधिकारियों कर्मचारियों को किसानों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए सख्त निर्देश दिए हो पर उनका पालन धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। क्षेत्र में कई नलकूप एक माह से अधिक समय से खराब हैं पर उनको ठीक कराये जाने की जहमत नहीं उठाई जा रही है जिसके चलते किसानों की फसल सूख रही है। किसानों को चिंता है कि फसल बर्बाद हो गयी तो वह कहीं के नहीं रहेंगे। बिजली विभाग की उपेक्षा का आलम यह है कि जेई फोन ही नहीं उठाते हैं।
इस बार जनपद में बारिश नहीं हुई जिससे किसानों की रबी की बोआई काफी देर हो पाई है। सरकार ने भी जिले को सूखा ग्रस्त घोषित कर दिया है। जिसके चलते अधिकारियों को निर्देश दिए गये हैं कि किसानों की किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाये। इसके बाद भी किसानों को नजर अंदाज नहीं किया जा रहा है। आदेशों का प्रभावी रूप से पालन अधिकारी नहीं कर रहे हैं। हालत यह है कि नलकूप एक महीने से अधिक समय से खराब पड़े हुए हैं। किसानों की फसल पानी के अभाव में सूख रही है फिर भी नलकूप ठीक कराने की जहमत नहीं उठाई जा रही है। क्षेत्र में जरा गांव का 54 नंबर नलकूप दो महीने से खराब है। अटरा कला का 64 नंबर नलकूप एक माह से खराब पड़ा है। उरकरा खुर्द का 74 नंबर नलकूप तीन महीने से खराब पड़ा है। अधिकांश नलकूप विद्युत दोष की वजह से ठप हैं जिससे उनका संचालन नहीं हो पा रहा है। किसानों को चिंता सता रही है कि सिचाई के लिए पानी नहीं मिला तो वह दाने दाने को मोहताज हो जायेंगे। किसान अपनी फसलों को देखकर परेशान हो रहे हैं। बिजली विभाग के अधिकारी फोन ही नहीं उठाते हैं।

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