उरई। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की जारी की गयी पात्रता सूची में लोगों के राशन कार्ड होने के बाद भी नाम न होने के कारण उन्हें खाद्यान्न सामग्री से वंचित होना पड़ रहा है। खाद्य विभाग की इस कार्य प्रणाली से उपभोक्ताओं में आक्रोश पनप रहा है।
राशन कार्ड धारकों के नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्रता सूची में दर्ज कराने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने कोटेदारों के माध्यम से आवेदन पत्र भरवाये थे। कोटेदारों ने आवेदन पत्रों को भरने में जमकर लापरवाही की। कोटेदारों की लापरवाही की परिणाम यह है कि नगर में 16331 राशन कार्ड धारकों में से 11531 राशन कार्ड धारकों को अपात्र बताकर पात्रता सूची से हटा दिया है। इस अधिनियम के लागू होने से पूर्व नगर में अंत्योदय कार्ड धारकों की संख्या 564 तथा बीपीएल कार्ड धारकों की संख्या 957 तथा एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 14810 थी। नगर के कोटेदारों से राशन कार्ड धारकों के आवेदन पत्र भरवाये गये थे। 1 जनवरी को लागू हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की पात्रता सूची जारी की गयी तो दिसंबर माह में मात्र 4800 राशन कार्ड धारकों को पात्रता सूची में अंकित किया है। शेष 11531 राशन कार्ड धारकों को नाम काट दिया गया है। जिसके कारण नगर के 11531 परिवार खाद्यान्न से वंचित हो गये हैं। पूर्ति वभाग द्वारा बगैर किसी जांच के 11531 कार्ड धारकों के कार्ड निरस्त कर दिये। इस कारण उपभोक्ता विभाग की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं। इस बारे में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों के नाम रह गये हैं उनकी जांच करायी जा रही है। जांच के बाद पात्रों के नाम सूची में शामिल कर दिए जाएंगे।






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