21orai04उरई। दयानंद वैदिक महाविद्यालय की चारों एनएसएस इकाईयों का समवेत विशेष शिविर गुरुवार से शुरू हुआ। जिसका औपचारिक शुभारंभ महावद्यिालय की प्रबंध समिति के मंत्री डाॅ. देवेंद्र कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद छात्राओं की तीनों इकाईयों ने मलिन बस्ती सुशल नगर, नया पटेल नगर व बघौरा में सफाई के लिए श्रमदान किया।
डाॅ. देवेंद्र कुमार ने स्वयं सेवकों को देश भक्ति के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मातृभूमि का ऋण सबसे बड़ा होता है। जिससे कभी उऋण नही हुआ जा सकता। उन्होंने कहा कि जिस देश के युवाओं में मातृभूमि की आन-बान-शान की रक्षा के लिए प्राणोत्सर्ग करने का जज्बा रहता है वही देश ऊंचाईयों की ओर अग्रसर हो पाता है। उन्होंने शहर और गांव की दूरियों को पाटते चलों विषय पर अपने विचार दिये।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. तारेश भाटिया ने स्वयं सेवकों को अनुशासन का सबक पढ़ाया। डाॅ. आनंद खरे ने उनसे कहा कि वे राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखकर कार्य करें जिससे अपने साथ-साथ देश का नाम भी रोशन कर सकें। पुस्ताकलय अधीक्षक डाॅ. हृदयकांत ने कहा कि समाजसेवा ही मनुष्य के जीवन का मूल ध्येय है जिसे उसको अपने जीवन में अनिवार्य कर्तव्य के बतौर शामिल करना चाहिए।
सभी छात्राओं ने मलिन बस्तियों में जाकर सफाई के साथ-साथ जागरूकता रैली भी निकाली। डाॅ. गिरीश श्रीवास्तव ने छात्राओं से कहा कि एनएसएस भी उनकी शिक्षा का एक आवश्यक अंग है। जिसमें काम करने से उनके व्यक्तित्व को संपूर्णता मिलती है। डाॅ. शगुफ्ता मिर्जा ने छात्राओं को संगीत के बारे में बताया। सायंकाल संध्या वंदन और संगीत के कार्यक्रम के माध्यम् से स्वयं सेवकों में नई ऊर्जा का संचालन किया गया।

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