0 रोहित वैमुला की श्रद्धांजलि सभा में उग्र हुए वक्ता
उरई। एससी, एसटी टीचर्स एसोसिएशन व आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक राजेंद्र नगर स्थित संगठन के कार्यालय में जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह शास्त्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें हैदराबाद विश्व विद्यालय के छात्र रोहित वैमुला की मृत्यू पर दुख जाहिर करते हुए विश्व विद्यालय प्रशासन वहां के कुलपति और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी की निंदा की गई।
रोहित वैमुला के चित्र पर माल्यार्पण कर बैठक में उपस्थित लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह शास्त्री ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार में वर्ण व्यवस्था के आधार पर दबे कुचले समाज के लोगों और उनकी उन्नति की बात करने वाली विचारधारा के प्रति जहरीली भावनायें रखने वालीं वर्ग सत्ता के लोग काबिज हैं। उन्होंने कहा कि रोहित वैमुला को उनकी महात्मा फुले-अंबेडकर वादी विचारधारा की वजह से आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया। यह एक दूरगामी साजिश है जिसके प्रति खबरदार रहकर शोषित समाज ने अभी इसका कड़ा प्रतिकार न किया तो उन्हें फिर सामाजिक दास्ता की चक्की में पिसना पड़ेगा। राजेंद्र चैधरी, रामप्रकाश गौतम, देवेंद्र सिंह, सलिल श्रीवास ने संयुक्त रूप से कहा कि रोहित वैमुला की शहादत को बेकार नही होने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि समाज के बहुसंख्यक वर्ग को नीचा दिखाने की कोशिश करने वाले वर्ण व्यवस्था वादियों को देश के बाहर खदेड़ कर उनकी शहादत को सार्थक किया जायेगा। वीरेंद्र दोहरे, रामकिशोर वर्मा, उमाशंकर भास्कर, श्रद्धानंद वर्मा, दीनदयाल श्रीवास, दया चैधरी, ओमप्रकाश गौतम, बब्लू श्रीवास, अनिल बरार और योगेंद्र दोहरे आदि ने कहा कि रोहित ने अपना बलिदान देकर वर्ण व्यवस्था के खिलाफ जोरदार मशाल जलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर हमें संकल्प लेना होगा कि जो लोग शोषित दलित समाज को हीन भावना से देखते हैं उनका अस्तित्व मिटा दिया जाये। जो पूजा स्थल, भाषा और संस्कृति वर्ण व्यवस्था के पोषक हैं उन सभी को निर्णायक रूप से मटियामेट करने का संकल्प लेने का वक्त आ गया है।
अरविंद दोहरे, अशोक कुमार, सुरेंद्र गौतम, आशाराम वर्मा, आलोक चंद्रा, योगेंद्र कुमार, साधना सिंह, मीनू गौतम, नीरज गौतम, जेपी नरवरिया, सुमन, दीपमाला, केके शिरोमणि, भूरी देवी, मनोज संजय आदि ने भी विचार प्रगट किये।







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