
उरई। डीवी काॅलेज के तीन एनएसएस इकाईयों के विशेष शिविर में स्वयं सेवकों ने सुबह उठकर दैनिक क्रियायें की जिसके बाद गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ हरीमोहन पुरवार ने छात्राओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। छात्राओं से प्रतिज्ञा कराई गई कि अपने घर में वे परिवार के सभी सदस्यों से यह प्रतिज्ञा करायेगीं कि कोई भी धूम्रपान, मद्यपान और तंबाकू आदि का सेवन नही करेगा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डाॅ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने स्वयं सेवकों से एनएसएस के उददेश्यों पर चलने की अपील की। गोष्ठी के बाद सभी छात्रायें अपने अधिकारियों के साथ मलिन बस्तियों में पहुंची। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की जागरूकता के लिए वहां रैली निकाली और लोगों को समझाया इसके बाद बौद्धिक खेल खेले। अगले चरण में डाॅ. शैलजा गुप्ता ने सभी छात्र-छात्राओं को खानपान से संबंधित जानकारियां दी तथा साफ-सफाई के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम अधिकारी डाॅ गिरीश श्रीवास्तव ने स्वयं सेवकों को महापुरुषों के आदर्शो पर चलने के लिए प्रेरित किया। डाॅ. शगुफ्ता मिर्जा ने समाज में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए सम्भावित उनकी भूमिका के विषय में अवगत कराया। डाॅ. मलखान सिंह ने एक प्रेरक कविता सुनाई। शाम को राष्ट्रगीत का गायन हुआ।
उधर छात्र इकाई की गोष्ठी में सामाजिक कुरीतियां दूर करने के संकल्प पर संक्षिप्त चर्चा हुई। स्वयं सेवक गांव की गलियों में जात-पात, कन्या भ्रूण हत्या, नारी का सम्मान, दहेज प्रथा, स्त्री शिक्षा, बाल विवाह, वर्ग भेद आदि विषयों पर स्लोगन लिखे तख्तियां लेकर निकले। कुरीतियों पर एक नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी की गई। भोजनोपरांत वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. रविंद्र कुमार गुप्त ने जीवन मूल्यों पर चर्चा करते हुए बताया कि सभी विशेषतायें जो किसी के जीवन को अच्छा बनाती हैं जीवन मूल्य हैं। वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. दुर्गेश कुमार सिंह ने मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. राजेश पालीवाल ने स्वयं सेवकों से जीवन मूल्यों को अपने व्यवहार में उतारने की अपील की।







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