0 डीएम ने बजरंग दल को दी कार्ययोजना की जानकारी
उरई। जिलाधिकारी रामगणेश ने कहा है कि अन्ना पशुओं को नियंत्रित करने और गौवंश को संरक्षण के लिए जिला प्रशासन ने वृहत कार्य योजना तैयार की है। इसके लिए जगह-जगह पशु शालाएं स्थापित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने बजरंग दल को प्रशासन द्वारा उनकी भावनाओं की पूर्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों की कैफियत देते हुए बताया कि बोहदपुरा व आटा में फार्म हाउस बनाने का काम चालू है जहां अन्ना मवेशी रखे जा सकेंगे। इसी तरह चमारी में उरई विकास प्राधिकरण ने पशु आश्रम बनवाया है। जिसमें लावारिस पशु बंद किये जायेगें इसकी तार फैंसिंग चल रही है। उन्होंने बताया कि एक दर्जन ग्राम पंचायतों में मनरेगा से गौशालाएं बनाई जा रही हैं। बरसाना मथुरा की एक गौशाला के संचालक से उनकी बात हुई है जो कि जिले की तीन हजार गायों को लेने के लिए तैयार हैं। एक गौशाला के लिए जालौनी माता के पास जगह चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि समाज सेवियों को भी इसमें हाथ बंटाना होगा।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि जिले का भूसा अधिक कीमत मिलने की वजह से ईंट-भटटों में खपाया जा रहा है। इसके कारण भी मवेशियों के सामने भुखमरी की समस्या है। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि वे जिले का भूसा किसी कीमत पर बाहर नही जाने देंगे। जरूरत पड़ने पर भूसा बेचने वालों को ज्यादा कीमत देकर रोका जायेगा। उधर भाजपा नेत्री पूजा सिंह ने कहा कि उन लोगों पर भी दबाव बनाया जाना चाहिए जो लोग गौशाला के नाम पर जमीन हथियाने के साथ-साथ भूसा आदि में अनुदान ले रहे हैं। इन्हें अपने कर्तव्य पालन के लिए बाध्य किया जाये ताकि गौशाला की आड़ में लोग अपनी जेबें न भर सकें। भाजपा के एक नेता ने डीएम से कहा कि वे उन मंदिरों के पुजारियों से बात करें जिनमें जमीन लगी हुई है। इसका प्रयोजन धर्म का संरक्षण करना है और गायों का पालन इसमें सर्वोपरि है। अगर धर्माचार्यों का जमीर जगाया जाये तो वे मंदिर की जमीनों का उपयोग आवश्यक रूप से गौ संरक्षण के लिए करेगें।







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