0 उरई में अम्बेडकर चैराहे के निकट श्रीराम कथा का सप्तम दिवस
23orai09उरई। श्री वाके विहारी जन कल्याण समिति द्वारा नगर मे अम्बेडकर चैराहा के निकट श्रीराम कथा का सुन्दर आयोजन हो रहा है।
कथा वक्ता गुरूदेव श्री पुरूषोत्तम शरण शास्त्री यजमान श्री राकेश पोरवाल एवं श्रीमती ऊषा पोरवाल के साथ समस्त भक्तो को कथा का रसपान करा रहे है। कथा का आज सप्तम दिवस है। महाराज जी ने सत्संग की महिमा बताई और कहा सत्संग के द्वारा मनुष्य अपनी इन्द्रियों को रस पिलाने लगे, तो इन्द्रियों सुन्दर कार्य करेगीं मन अच्छा बनेगा। महाराज जी ने कहा कि मनुष्य को संसार के सारे सुख मिल जायेें किन्तु उस का मन सत्संग मे नहीं लगा गुरू प्रेम में नहीं लगा तो सब कुछ व्यर्थ है आरो शास्त्री जी जी कहते है कि श्रीराम विवाह संपन्न हुआ और चारों भाई अपनी बधुओं क साथ अयोध्या आये है अयोध्या में उत्सव मनाया गया सभी माताओं आनन्द भरी है राजा दशरथ जी तीनों रानियों के शिक्षा देते है अपनी बहुओं को नैनो की पुतली की तरह संभाल क रखना। ये परघर से आयी है। अगर हर घर में पुूत्रवधु को इतना सम्मान दिया जाए हर ससुर दशरथ बन जाए, हर सासे कौसल्या बन जाए हर बहु सीता बन जाए और हर पुत्र राज बन जए तो फिर से धरती पर राम राज्य आ जाए महाराज ने सभी ने सभी माता बहनों को शिक्षा दी कि हर ग्रहणी को अपने घर को साधु कमण्डल की तरह बनाना चाहिए कमण्डल मे जल लेने का मुॅह विशाल होता है। किन्तु जल निकलने का मार्ग छोटा होता है। संचय की प्रवृति से कभी परेशानी नहीं आती जैसा लगाव माल से है वैसा लगाव

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