24orai08 24orai05 24orai06 24orai07जालौन के व्यापारी की स्कॉर्पियो गाड़ी पर हुई जबर्दस्त फायरिंग
बीच सड़क पर गोलियां चलने से दहशतजदा राहगीरों ने छिप कर बचाई जान
मामला गाडिय़ों के टकराने का बताया गया, लेकिन अंदरखाते ब्लॉक प्रमुखी चुनाव का मामला
कोंच-उरई। आज दोपहर कोतवाली क्षेत्र का तीतरा खलीलपुर इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से अचानक ही थर्रा उठा। पहले तो लोगों की समझ में ही नहीं आया कि मामला क्या है लेकिन बीच सड़े पर होती धुवांधार गोलीबारी के चलते इलाके में दहशत फैल गई, राहगीर अपनी जान बचाने के लिये पेड़ों की ओट में छिप गये। काफी देर तक फायरिंग होने के बाद अचानक हमलावर मौके पर अपनी गाड़ी छोड़ कर भाग गये। सारा मामला दो गाडिय़ों के बीच हुई टक्कर के बाद फायरिंग का बताया गया और जिस गाड़ी पर फायर दागे गये उसके ड़ाइवर ने भी लगभग इसी तरह की रिपोर्ट भी चार पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। इसके इतर अंदरखाते की बात निकल कर यह आ रही है कि यह सारा झमेला ब्लॉक प्रमुखी के चुनाव को लेकर था लेकिन गफलत में किसी और की जगह किसी और पर हमला बोला गया। पुलिस घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंच गई थी और दोनों गाडिय़ों को कोतवाली मंगा लिया गया है। गाडिय़ों की हालत बताती है कि किस कदर गोलियों की बौछार की गई है।मिली जानकारी के मुताबिक जालौन कस्बे के वर्तन व्यवसायी पंकज अग्रवाल पुत्र उमाशंकर अग्रवाल जिनकी बैठगंज जालौन में बंसल वर्तन भंडार के नाम से दुकान है, की स्कॉर्पियो गाड़ी नं. यूपी 78 सीवाई 8055 उसका ड्राइवर आमिर उर्फ अन्नू पुत्र नबाब निवासी मोहल्ला भवानीराम जालौन अपने एक साथी छोटू पुत्र कल्लू बॉथम निवासी जालौन के साथ मालिक के काम से गुरसरांय गया था। लौटते वक्त उसने कोंच से गाड़ी में वर्तन लादे और वाया कमसेरा जालौन जाने के लिये कोंच से निकल पड़ा। अभी उसकी गाड़ी तीतरा खलीलपुर के पास ही पहुंची थी कि अचानक ही सामने से आ रही एक बोलेरो गाड़ी नं. यूपी 92 एस 2585 से बताते हैं कि उसकी टक्कर हो गई। इसके बाद बोलेरो सवार जो गिनती में चार पांच रहे होंगे, ने स्कॉर्पियो के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुये इस हमले से आमिर बौखला गया और दहशत के मारे उसके तथा उसके साथी के पसीने छूट गये। उसने गाड़ी सड़े पर छोड़ी और गिरता पड़ता वहां से भाग लिया और पास के गांव विरौरा में शरण ली। उसका साथी डर कर पहले ही पतली गली से निकल भागा था। ड्राइवर की अगर मानें तो इसके बाद हमलावरों ने उसकी गाड़ी के गेट खोल कर देखे और वहां से भाग गये। ड्राइवर का तो यहां तक कहना है कि टक्कर तो बाद में हुई, बोलेरो में सवार लोग इससे पहले ही उसके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। उसके इस कथन से ही स्पष्टï है कि यह मामला केवल गाडिय़ों के टकराने से उपजे क्रोध का नहीं है बल्कि मामला कुछ और ही है। बहरहाल, सूचना मिलते ही कोतवाल रूद्रकुमार सिंह अपने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और ड्राइवर जो उस वक्त तक अपने होशोहवास में नहीं था, गांव से निकाल कर कोतवाली लाये। उसकी तहरीर पर पुलिस ने चार पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मामले की जांच जयवीर सिंह दरोगा कर रहे हैं। मौके से तमाम खाली खोखे 315 वोर राइफल के भी मिले हैं। दोनों गाडिय़ों को लाकर कोतवाली में खड़ा करवा दिया गया है। कोतवाल का कहना है कि बोलेरो के मालिक का पता लगाया जा रहा है।

गोलीबारी के पीछे कहीं बीडीसी सदस्य उठाने का मामला तो नहीं…?
कोंच-उरई। रविवार की दोपहर तीतरा खलीलपुर इलाके में हुई जबर्दस्त गोलीबारी के पीछे गाडिय़ां टकराने जैसा छोटा मोटा मामला नहीं हो सकता बल्कि इसके पीछे ब्लॉक प्रमुखी का चुनाव हो सकता है। इस मामले में अंदरखाते जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक इलाके के एक गांव की महिला बीडीसी सदस्य को सत्ता के विरोधियों द्वारा पहले से ही खरीद लिये जाने की जानकारी जब सत्तादल के संभावित प्रत्याशियों को मिली तो वे उसे उठाने की फिराक में लग गये। बताया तो यहां तक गया है कि बीती रात उन लोगों ने महिला बीडीसी के घर जाकर काफी उपद्रव भी किया जिसकी सूचना उसके परिजनों ने दूसरे गुट को दे दी। बताते हैं कि सत्ता के विरोधी लोगों ने उक्त महिला बीडीसी सदस्य को आज भोर में ही वहां निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था जिसकी खबर सत्तादल के लोगों को नहीं मिल सकी, अलबत्ता उन्हें यह जानकारी उनके मुखबिर ने जरूर दी कि महिला बीडीसी को स्कॉर्पियो से ले जाने की तैयारी है। बस इसी सूचना पर जालौन के वर्तन व्यापारी की स्कॉर्पियो को उन्होंने वही स्कॉर्पियो समझा और बिना कुछ सोचे समझे उस पर फायर पेल दिये। यानी अगर देखा जाये तो निशाना यह स्कॉर्पियो नहीं थी, बल्कि दूसरी थी लेकिन भ्रम की स्थिति में इस पर हमला हो गया।

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