उरई। दलित संघर्ष मोर्चा की अति आवश्यक बैठक बघौरा स्थित मैत्री बुद्ध बिहार में आहूत की गई। बैठक को संबोधित करते हुए दलित संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष पंकज सहाय ने कहा कि धर्मांतरण को लेकर जिले में बजरंग दल द्वारा जो घटना घटी उसमें निश्चित तौर पर लोकतंत्र की हत्या की गई है। जनपद में निरंतर बजरंग दल द्वारा घटनाएं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रही हैं। जिसके पीछे जनपद के आलाधिकारी पुलिस प्रशासन कम दोषी नही हैं। बजरंग दल के पदाधिकारियों के ऊपर एक दो नही चार-चार बलवा फैलाने, कानून तोड़ने की एफआईआर अंकित है किंतु पुलिस प्रशासन की लचर कार्यशैली के कारण वे गुंडई पर आमादा हैं। पुलिस प्रशासन जहां छोटे-छोटे लड़ाई झगड़ों के आरोपियों से रुपये ऐठने में लगी हुई है वहां रसूखदारों पर हाथ डालने में कतराती है।
नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गौरतलब है कि संगम जाटव द्वारा एसओ रेढ़र को घटना से पूर्व इस मामले में प्रार्थना पत्र दिया जा चुका था। किंतु थानाध्यक्ष ने मामले को समय पर संज्ञान न लेने के कारण ये बवाल राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया। अतएव हमारी मांग है कि रेढ़र थानाध्यक्ष को तत्काल संस्पैंड किया जाये। जिससे थानाध्यक्षों को हीला हवाली के कारण होने वाली बड़ी घटनाएं घटने से बचें व सबक मिले और जिले की कानूनी व्यवस्था व आम लोगों की जान सांसत में न पड़े।
बैठक में प्रमुख रूप से धमशील भन्ते, कल्ले जाटव, चंद्र किशोर, कालका प्रसाद हवलदार, रामकुमार आदि मौजूद रहे।







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