0 अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष से ठेका कर्मचारियों ने की शिकायत
0 छुट्टी के कारण पालिकाकर्मी नदारत रहे, नहीं मिली तरजीह, डीएम से शिकायत
21orai09कोंच-उरई। अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री गौरव दयाल बाल्मीकि ने आज जिले में कई नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों का दौरा कर ठेके पर काम करने बाले सफाई कर्मचारियों की परेशानियों को जानने की कोशिश की। कोंच पालिका में उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि सरकार की ओर से 259 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी देने का प्रावधान है। इस पर कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें महज पांच हजार रुपये माहवार के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। इस तरह प्रति कर्मचारी 3 हजार 200 रुपये के घपले की बात आयोग अध्यक्ष ने कही।
अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री गौरव दयाल बाल्मीकि ने आज कोंच पालिका में धावा बोल कर सफाई कर्मचारियों के हालचाल जाने। जब वे पालिका में आये तो तहसीलदार भूपाल सिंह, सीओ अवधेश कुमार शुक्ल, कोतवाल मनवीर सिंह आदि ने उन्हें रिसीव किया लेकिन हजरत अली जयंती के अवकाश के कारण पालिका के ज्यादातर कर्मचारी और अधिकारी नदारत पाये गये जिसके चलते उन्हें पर्याप्त तरजीह नहीं मिल सकी और वे फट पड़े कि जब चार दिन पहले ही उनका प्रोटोकॉल जारी कर दिया गया था तो सभी लोगों को यहां मौजूद मिलना चाहिये था। हालांकि बाद में सेनेट्री इंसपेक्टर अभयसिंह, जेई सतीश कमल, लिपिक जीवनलाल बाल्मीकि आदि आये तो लेकिन जिन अभिलेखों को अध्यक्ष ने देखने की इश्छा जाहिर की उनके बाबुओं और यहां तक कि ईओ को भी छुट्टी पर बताया गया। इसकी शिकायत अध्यक्ष ने डीएम और एसडीएम से भी की। उन्होंने सबसे ज्यादा फोकस ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को मिलने बाले भुगतान पर दिखाया जिसमें उन्हें पांच हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान मिलने की बात कर्मचारियों ने बताई। इस स्थिति को लेकर भी अध्यक्ष खासे खफा दिखे, उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 259 रुपये रोज के हिसाब से भुगतान दिये जाने का प्रावधान किया गया है लेकिन ठेकेदार और ईओ मिल कर गोलमाल कर रहे हैं और कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा है जिसकी शिकायत वह शासन में करेंगे। उरई-कोंच रोड से सफर करके यहां पहुंचे आयोग अध्यक्ष ने स्वीकारा कि सड़क बहुत बुरी तरह से खराब है, लेकिन चुनाव तक सड़कें तैयार कर लिये जाने का भी वह जिले के नेताओं की तरह दावा कर गये। इस दौरान ठेकेदार देशराजसिंह जादौन, घनश्याम बाल्मीकि, शिवम ताग्रकार, अनुज पाठक, काशीराम, सुरेश, महेश, कालिया, शीलू, वीरू, देवेन्द्र, महेश, खन्ना, अच्छेलाल आदि मौजूद रहे।

मजदूरी का पालिका से कोई लेना देना नहीं-विनीता
21orai10कर्मचारियों को कितना पैसा हर माह दिया जा रहा है, इससे पालिका का कोई लेनादेना नहीं है। यह बात पालिका चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया ने कर्मचारियों द्वारा आयोग अध्यक्ष से समक्ष की गई शिकायत के परिप्रेक्ष्य में कही। उन्होंने कहा कि पालिका को ठेके पर काम करने के लिये कर्मचारियों की जरूरत थी जिसके लिये उन्होंने टेंडर निकलवाया था और टेंडर के आधार पर ही ठेकेदार के मार्फत काम करने बालों का बंदोबस्त किया गया था। पालिका द्वारा ठेकेदार को 7 हजार रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। अब ठेकेदार उन्हें कितनी मजदूृरी दे रहा है, यह ठेकेदार और उनके बीच का मसला है। इसके अलावा कर्मचारियों ने इस तरह की शिकायत पहले कभी नहीं की, यदि करते तो इसकी जांच करा ली जाती और खामियां मिलने पर ठेका निरस्त भी किया जा सकता था।

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