0 पूरे देश में किसी सांसद के खिलाफ इतना लंबा आंदोलन चलाना असंभव
23orai04जालौन-उरई। रेल लाइन लाने को लेकर चल रहे अनशन के 47वें दिन राहुल गुप्ता बाबा, अमीर चैधरी, अंशू यादव, कल्लू यादव और पूरन सिंह ने चैबीस घंटे की भूख हड़ताल का मोर्चा प्रद्युम्न दीक्षित के हाथों से माल्यार्पण कराकर संभाल लिया। इस दौरान सांसद भानुप्रताप वर्मा और रेल मंत्री सुरेश प्रभु के खिलाफ नारे लगाकर जोरदार हुंकार भरी गई।
एक दिन पहले अनशन पर बैठे सर्वेश कुमार, राजवीर, सोनू तिवारी कुअरपुरा, अब्दुल कादिर और श्याम किशोर राठौर को प्रेम शर्मा एडवोकेट ने जूस पिलाकर उठाया। इस मौके पर मोंटू मिश्रा, प्रद्युम्न दीक्षित, देवीदयाल वर्मा, रंजीत यादव, हरिश्चंद्र यादव, बारे कक्का, रमाकांत निरंजन, पुष्पेंद्र दूरवार, बउआ महाराज, इमरान अंसारी, थोपन यादव, सुरेश चंद्र सिंघल, लक्ष्मीकांत सिंघल, जाहिद उल्ला अंसारी, बसीउर्रहमान सिददकी, धर्मेंद्र मिश्रा, मोहन चतुर्वेदी, निशांत पाठक, अन्नू महाराज, रामकरन सिंह पूता, अनुराग निरंजन, सुरेश राव डेंगरे, भूरे वर्मा, असरफ अली, उमेश दीक्षित मनसब खान, अहमद राईन तूफानी, मनोज रिछारिया, बबलू तोमर, लला गुप्ता, मोनू उटगेरकर आदि उपस्थित रहे।
उधर विधानसभा चुनाव के लिए शुरू हो चुकी राजनीतिक हलचलों के बीच रेल लाओ आंदोलन लंबा खिचने से भारतीय जनता पार्टी के जिले के कार्यकर्ता परेशान हैं। पूरे देश में कहीं किसी सांसद के खिलाफ इतने लंबे समय तक आंदोलन नही चला। यह माना जा रहा है कि रेल लाओ आंदोलन के बहाने जिले के मतदाताओं में सांसद भानु प्रताप वर्मा की निष्क्रिय और अहंकारपूर्ण कार्यशैली के विरुद्ध जबर्दस्त क्षोभ छलक रहा है। जो कि विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की राजनैतिक सेहत को बिगाड़ सकता है। हैरत इस बात पर जताया जा रहा है कि सांसद भानुप्रताप वर्मा समर्थकों के लिहाज से इतनी दरिद्रता में हैं कि उन्हें एक समर्थक नही मिल रहा जो आंदोलनकारियों के सामने उनके पक्ष की बात कह सके। क्या ऐसे जनप्रतिनिधि को किसी हिसाब से लोगों का नेता कहा जा सकता है।

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