cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। गर्भवती हालत में भी महिलाओं को खाना बनाने के काम से रियायत नही दी जाती। शुक्रवार को एक युवती गर्भ का समय पूरा हो जाने के बावजूद ससुराल में खाना तैयार करने मे जुटी थी कि उसके कपड़ों में आग लग गई। हादसे में युवती इतनी बुरी तरह झुलस गई कि डाॅक्टरों को जिला अस्पताल में सबसे पहले आॅपरेशन करके उसके गर्भस्थ शिशु को बाहर निकालने का फैसला लेना पड़ा।
कोतवाली क्षेत्र के गांव मगरायां में गिरिजा शंकर की पत्नी अर्चना (28वर्ष) नौ महीने का गर्भ पेट में होने के बावजूद बहू की डयूटी के नाते कल शाम खाना बना रही थी। इस दौरान चूल्हे की आंच ने उसकी साड़ी को पकड़ लिया जिससे वह लपटों में घिर गई। जब वह आग का गोला बनी चिल्लाने लगी तब घरवाले दौड़े और किसी तरह आग बुझाकर उसे जिला अस्पताल ले गये। डाॅक्टरों ने देखकर बताया कि वह 50 फीसदी से ज्यादा झुलस चुकी है। उसके इतने बुरी तरह जलने से सबसे बड़ा खतरा उसके गर्भ में शिशु को है। उन्होंने रात में ही उसके पेट का आॅपरेशन कर शिशु को बाहर निकाला। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। शिशु भी फिलहाल खतरे की हालत से बाहर नही है।

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