01orai01अमित सक्सेना की 20वीं पुण्य तिथि पर संगोष्ठी
उरई। स्थानीय अमित पार्क में शहर के पत्रकारों, बुद्धिजीवियों व कलाकारों की ओर से दिवंगत पत्रकार अमित सक्सेना की 20वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम एवं सभा का आयोजन किया गया।
इसमें मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए जिले के वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार केपी सिंह ने कहा कि पत्रकारिता दरअसल कोई स्वतंत्र पेशा नहीं है बल्कि यह एक सामाजिक गतिविधि है। इसलिये पत्रकार होने की बुनियादी शर्त है उसका सामाजिक कार्यकर्ता होना। डिग्री औ र डिप्लोमा की पत्रकारिता के इस युग में ऐसी प्रजाति के लोग गायब होते जा रहे हैं जिससे पत्रकारिता की परिभाषा बदल गयी है। उन्होंने कहा कि अमित सक्सेना को याद करने की जरूरत इसलिये है ताकि लोग समझ सकेें कि पेशेवर होना एक अलग चीज है लेकिन पत्रकार सामाजिक सरोकारों के लिये प्रतिबद्धता से कभी बरी नहीं हो सकता। कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) के जिला सचिव का.कमलाकान्त ने कहा कि अमित के दिल में मजदूर वर्ग व मजलूमों के प्रति जो अपनापन व उनकी स्थिति पर जो दर्द था उसे वह कलम के माध्यम से लगातार व्यक्त करते रहे। का.सुधीर अवस्थी ने कहा कि अमित छात्र संगठन एआईएसएफ के एक सक्रिय व ऊर्जावान नेता थे वह प्रगतिशील व वामपंथी विचारधारा से ओतप्रोत थे। का.नूर अफसर ने कहा कि उरई नगर में भगत सिंह पार्क में भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित कराने में अमित सक्सेना की जो भूमिका रही उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। का.रामेश्वर दयाल बाजपेई ने उनके पत्रकारिता जीवन पर चर्चा करते हुए कहा कि आज अमित जैसे पत्रकारों की समाज को जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज एक वैकल्पिक मीडिया को खड़ा करने की जरूरत है। इप्टा उरई के महासचिव राज पप्पन ने कहा कि उन्हें संस्कृति कर्मियों व साहित्यकारों से विशेष लगाव था। प्रसिद्ध साहित्यकार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता यज्ञदत्त त्रिपाठी ने कहा कि अमित एक अनुशासित सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार थे।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा ने कहा कि यद्यपि अमित ने कम समय तक ही पत्रकार का जीवन जिया लेकिन पत्रकारिता के सच्चे मूल्यों में वह अपने समकालीन तमाम लोगों से काफी आगे थे। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में इप्टा के अध्यक्ष का.देवेन्द्र शुक्ला ने उन्हें गंगा जमुनी तहजीब के लिये समर्पित एक दृढ़ सिपाही बताया। सभा को अधिवक्ता देवेन्द्र तोमर, सुनीता सिंह, आलोक व कामता प्रसाद वर्मा ने भी सम्बोधित किया। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत पत्र का र अमित सक्सेना की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि तथा जनगीत से हुई।
सभा में प्रमुख रूप से प्रदीप राजपूत, रवि, श्याम बाबू सक्सेना, अमित की मां सरोज सहित परिवार के अन्य लोग भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन इप्टा उरई के सचिव संजीव ने किया।

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