02orai01 02orai02उरई। समाजवादी पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रांतीय नेता जयदेव सिंह यादव ने सोमवार को एसपी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लगभग 1 घंटे तक डीएम कार्यालय के बाहर पोर्टिको में उनकी कार के आगे बैठकर एक सैकड़ा लोगों के साथ धरना दिया। इसके कारण हंगामें और अफरातफरी की स्थिति बन गई। डीएम से मिलने आये फरियादियों और अधिवक्ताओं की भीड़ भी तमाशा देखने के लिए मौके पर जमा हो गई। बाद में डीएम को अपने कार्यालय से बाहर आकर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचना पड़ा। उन्होंने जयदेव यादव से ज्ञापन लिया और उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द उनकी चोरी गई बुलेरो का पता लगाया जायेगा।
जिले में सनसनीखेज घटनाओं की बाढ़ और उनकी गुत्थी न सुलझने से पुलिस के खिलाफ उग्र जन असंतोष पनप रहा है। समाजवादी पार्टी के नेता भी पुलिस की लापरवाही के शिकार होने से नही बच पा रहे हैं। गत दिनों लहरियांपुरवा में जयदेव सिंह यादव की बुलेरो जीप उनके आवास के सामने से अज्ञात चोर उठा ले गये। इस मामले में अभी तक चोरी करने वालों का कोई सुराग नही लग सका है। कोढ़ में खाज वाली बात यह है कि पुलिस जयदेव सिंह को कार्रवाई का भरोसा भी नही दे पा रही। जयदेव सिंह इस बात से काफी खफा हैं कि एसपी से लेकर कोतवाल तक ने उनसे बुलेरो चोरी के मामले में ढंग से बात करना तक गंवारा नही किया।
इसी गुस्से में सोमवार को जयदेव सिंह एक सैकड़ा पूर्व सैनिकों को लेकर जनता से मिलने के समय में कलेक्ट्रेट पहुंच गये। जिलाधिकारी संदीप कौर अपने कार्यालय में बैठी हुई थी। उनका कोई लिहाज न करते हुए उनके पोर्टिकों में धरना शुरू कर जयदेव यादव और उनके समर्थकों ने एसपी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जयदेव यादव कह रहे थे कि जिले में ताबड़तोड़ वारदातें पुलिस की मिली भगत से उनकी पार्टी की सरकार को बदनाम करने के लिए हो रही हैं। इन वारदातों का पर्दाफाश करने में पुलिस को कोई दिलचस्पी नही है। इसे बर्दास्त नही किया जा सकता। हंगामा बढ़ने पर जिलाधिकारी संदीप कौर अपने कक्ष से बाहर निकलकर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन उनकी जीप चोरी के मामले में गंभीर है। वे आज इसे लेकर एसपी से बात करेंगी और एक-दो दिन में ही चोरी गई जीप बरामद करने और अपराधियों को पकड़वाने का प्रयास किया जायेगा। उनके आश्वासन देने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोगों ने डीएम के रवैये पर भी टिप्पणी की। असंतुष्ट लोगों ने कहा कि डीएम साहिबा भी फरियादियों के प्रार्थना पत्र लेकर एक ओर रख देती हैं। उन पर कार्रवाई के लिए कोई नोटिंग नही की जाती जिससे प्रार्थनापत्र रददी की टोकरी में चले जाते हैं। यह रवैया भी शासन की मंशा के खिलाफ है।

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